चरण सिंह
नई दिल्ली/पटना। किसी भी चुनाव में हिंसा की कोई जगह नहीं है पर जब डिप्टी सीएम के काफिले पर लोग जूतें, चप्पलें और गोबर फेंक दें। विरोध में नारेबाजी कर दें तो इसे क्या कहा जाएगा ? डिप्टी सीएम इन लोगों को आरजेडी के गुंडे करार देते हुए एसपी को कायर करार दे रहे हैं। यह सब क्या संकेत हैं ? तो क्या विजय सिन्हा इस हमले के बाद बौखला गए हैं। उन्होंने हमलावरों की छाती पर बुलडोजर चलवाने की बात कही है। देखने की बात यह है कि यहाँ हमला तब हुआ है जब राज्य और केंद्र में एनडीए की सरकार है। चुनाव आयोग पर सत्ता का पक्ष करने का आरोप लग रहा है।
दरअसल गुरुवार को 18 जिले की 121 सीटों पर पहले चरण का विधानसभा मतदान हो रहा है। पहले चरण के मतदान में दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत 15 मंत्रियों के भविष्य का फैसला होना है। विपक्ष की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई जनशक्ति राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया तेज प्रताप सिंह के भविष्य का फैसला भी पहले चरण के चुनाव में होगा।
नीतीश कुमार को एनडीए की ओर से सीएम पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। इसका असर भी इन चुनाव में हो रहा है। नीतीश कुमार के समर्थकों में यह संदेश गया है कि बीजेपी इस बार नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाने जा रही है। मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड का असर भी चुनाव पर पड़ेगा। इस कांड के बाद ओबीसी, दलित और अति दलितों का रुझान आरजेडी की ओर देखा जा रहा है। जानकारी तो यहां तक मिल रही है कि जदयू के तीन सांसद आरजेडी किए लिए काम कर रहे हैं। नीतीश के समर्थक अंदरूनी रूप से आरजेडी से जुड़े हुए हैं। नीतीश कुमार भी अपने समर्थक प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं।
ऐसे में जब ललन सिंह और संजय झा बीजेपी से सटे हुए हैं। चुनाव के बाद कुछ खेल कर सकते हैं। ऐसे में बीजेपी के खेल से पहले ही कहीं नीतीश ही बड़ा खेल न कर दें। राहुल गांधी और लालू प्रसाद नीतीश कुमार को केंद्र बड़े मंत्रालय का भरोसा देकर महागठबंधन में ला सकते हैं।
दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच लखीसराय जिले के खुडियारी गांव में एक बड़ा हंगामा हो गया। उपमुख्यमंत्री और बीजेपी प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा जब मतदान केंद्रों का जायजा लेने पहुंचे, तो उनके काफिले पर भारी पथराव किया गया। हमलावरों ने न सिर्फ पत्थर फेंके, बल्कि चप्पलें, गोबर और जूते भी निशाना बनाए। साथ ही “मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए काफिले को घेर लिया गया।
आरजेडी पर इल्जाम: सिन्हा ने हमले का ठीकरा आरजेडी कार्यकर्ताओं के सिर फोड़ा। उन्होंने दावा किया कि आरजेडी गुंडागर्दी कर रही है और बूथ कैप्चरिंग की कोशिश कर रही है, खासकर दलित-अति पिछड़ा समाज के मतदाताओं को डराने के लिए। सिन्हा ने कहा कि यह विपक्ष की हार का डर है।
सिन्हा ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक को भी नहीं बख्शा। उन्होंने एसपी को “कायर और निकम्मा” बताते हुए कहा कि पुलिस ने हमले को रोकने में लापरवाही बरती। “यहां का एसपी कायर और कमजोर है, जो गुंडों को संरक्षण दे रहा है।” पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन स्थिति बेकाबू हो गई।








