दिल्ली विश्वविद्यालय के श्याम लाल कॉलेज (सांध्य) में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रशांत गौतम जी( डीसीपी,शाहदरा) थे ।
कैप्टन अनिल वर्मा की अगुवाई में मुख्य अतिथि के आगमन पर कॉलेज परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया।
उसके बाद कॉलेज के सेमीनार हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारंभ दीपप्रज्वलन और कुलगीत से हुआ।इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य प्रो.नचिकेता सिंह ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने स्वागत वक्तव्य में कहा कि इतनी व्यस्तता के बावजूद मुख्य अतिथि के रूप में आपका आना हम सबके लिए उत्साहित करने वाली बात है।स्वतंत्रता केवल बाहरी दिखावे की चीज़ नहीं है,यह मन में अवस्थित भाव है।इसीलिए हमें इसे हमेशा मन से महसूस करना होगा।आज हम सबके ऊपर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का दायित्व है।इसे पूरा करने में सही मायने में इस दिन की महत्ता है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को बहुत सीखने को मिलता है।उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम के कन्वेनर के साथ जुड़े सभी अध्यापकों,नॉन टीचिंग स्टाफ़ के पदाधिकारियों और विद्यार्थियों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री प्रशांत गौतम जी ने बच्चों को इस कार्यक्रम के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवाओं को समय की महत्ता को समझना चाहिए। हर तरह की स्वाधीनता का भाव जागृत करना आज के समय में बहुत जरूरी है। समन्वित स्वतंत्रता आज की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस महाविद्यालय के अनुशासन और संस्कारों को देखकर बहुत खुशी हुई
कार्यक्रम की संयोजक प्रो.सुनीता सक्सेना ने भारत की समृद्ध प्राचीन परंपराओं को रेखांकित करते हुए युवाओं को नया करने को प्रेरित किया।सह-संयोजक प्रो.सुनीता खुराना ने कहा है कि हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की जरूरत है।
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में अनेक विद्यार्थियों ने देशभक्ति के गीत, नृत्य आदि कलाओं का कलात्मक प्रदर्शन किया।साथ ही कुछ शिक्षकों ने भी देशभक्ति के गीतों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मार्गदर्शक डॉ. मनोज कुमार ने मंचासीन सभी सम्मानित सदस्यों के साथ सभागार में उपस्थित सभी अध्यापकों, नॉन टीचिंग स्टाफ़ और विद्यार्थियों का धन्यवाद दिया।इस आयोजन में सभी विभागों के सदस्य,नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।







