देशभर में इंडिगो एयरलाइंस का फ्लाइट संकट चरम पर पहुंच गया है। पिछले पांच दिनों से 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं। इस संकट के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को कड़ा निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि सभी रद्द या बाधित उड़ानों के लिए यात्रियों को पूर्ण रिफंड 7 दिसंबर 2025 शाम 8 बजे तक लौटाए जाएं।
मंत्रालय के मुख्य निर्देश
रिफंड प्रक्रिया: सभी लंबित रिफंड स्वचालित रूप से मूल भुगतान माध्यम पर लौटाए जाएं। यात्रियों को अलग से अनुरोध करने की जरूरत नहीं। देरी या गैर-अनुपालन पर तत्काल नियामक कार्रवाई होगी। रीशेड्यूलिंग शुल्क माफ: प्रभावित यात्रियों पर कोई पुनर्निर्धारण शुल्क नहीं लगेगा।
यात्री सहायता: इंडिगो को विशेष रिफंड और सहायता सेल स्थापित करने, सक्रिय संपर्क करने और वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों व जरूरी यात्रियों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश। इसके अलावा, मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस पर फेयर कैप (टिकट मूल्य सीमा) लगाई है ताकि संकट के दौरान ऊंची कीमतों से यात्री बच सकें। यह कैप तब तक लागू रहेगा जब तक स्थिति सामान्य न हो।
इंडिगो का जवाब
इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि 5-15 दिसंबर के बीच बुकिंग वाली सभी रद्द उड़ानों के लिए पूर्ण रिफंड स्वचालित रूप से दिए जाएंगे। साथ ही, रद्द या पुनर्निर्धारण पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। एयरलाइन ने माफी मांगी है और कहा है कि वे संचालन सामान्य करने के लिए प्रयासरत हैं।








