रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 4-5 दिसंबर 2025 को होने वाले भारत दौरे से ठीक पहले, रूस ने भारत को एक न्यूक्लियर-पावर्ड अटैक सबमरीन (SSN, चक्र क्लास) लीज पर देने का आश्वासन दिया है। ये सबमरीन 10 साल के लिए लीज पर मिलेगी, और रूस ने इसका रिफिटमेंट 2028 तक पूरा करने का वादा किया है, हालांकि भारत 2027 तक डिलीवरी चाहता है।
मुख्य डिटेल्स:
सबमरीन का प्रकार : ये अकुला-क्लास की न्यूक्लियर सबमरीन होगी, जिसे INS चक्र III नाम दिया जाएगा। ये हफ्तों तक पानी के नीचे रह सकती है, जो भारत की नौसेना को लंबी दूरी की टोही, हमला और रणनीतिक गश्त में मदद देगी।
रणनीतिक फायदा : चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के बढ़ते समुद्री खतरे के बीच, ये सबमरीन भारत की इंडियन ओशन में ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ की भूमिका को मजबूत करेगी। खासकर, न्यूक्लियर पावर से ये लगातार गति बनाए रख सकती है बिना सतह पर आने की जरूरत के।
पिछला इतिहास : ये भारत की रूस से दूसरी ऐसी लीज डील है। पहली INS चक्र (2012-2022) भी रूस से ही लीज पर आई थी, जो 2022 में वापस लौटा दी गई। 2019 में ही $3 बिलियन की ये डील साइन हुई थी, लेकिन अब डिलीवरी की टाइमलाइन पर फाइनल बातचीत चल रही है।
पुतिन का ये दौरा 23वें भारत-रूस वार्षिक समिट के लिए है, जहां PM मोदी से मुलाकात के अलावा रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर फोकस होगा। रूस ने पहले ही S-400 सिस्टम जैसे डील्स से भारत का साथ दिया है, और ये सबमरीन डील दोनों देशों की ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को और गहरा करेगी।






