शराबबंदी के बीच गांजा से नशीली होली की तैयारी कर रहे थे चाचा भतीजा, पचास लाख की खेप के साथ गिरफ्तार

द न्यूज 15

कैमूर। बिहार में शराब पर कड़ी नकेल के बीच नशे के धंधेबाज होली में गांजा और अन्य मादक पदार्थ बेचकर बेचकर बड़ी कमाई की तैयारी में हैं। कैमूर पुलिस ने गांजा के अंतर्राज्यीय तस्करी के बड़े गैंग का पर्दाफाश करते हुए 50 लाख का गांजा बरामद किया। रामगढ़ थाना क्षेत्र के देवहलियां गांव में तस्करों के घर में छापेमारी की गई जहां नौ बंडलों में रखे गए 72 किग्रा गांजा की खेप को पुलिस ने जब्त कर लिया। छापेमारी के दौरान तस्कर रामदास राम और उसके भतीजा राकेश राम को गिरफ्तार कर लिया गया। गांजा का अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य 60 से 70 हजार रुपए प्रति किग्रा है। इस हिसाब से बरामद गांजा करीब पचास लाख रुपये मूल्य का है।
होली में खपाने की थी तैयारी : डीएसपी फैज अहमद खान ने  बताया कि एएसआई विकास कुमार को देवहलियां के रामदास राम के घर गांजा की खेप पंहुचने की सूचना मिली। इसके बाद चौकस पुलिस टीम ने छापेमारी की। घर की तलाशी में नौ बंडल गांजा मिला जिसका वजन 72 किग्रा है। डीएसपी ने बताया कि होली पर्व के दौरान गांजा की खेप को शराब के विकल्प के रूप में खपाने की योजना थी। पुलिस होली के मद्देनजर पहले से गांजा तस्करी को लेकर सजग थी।
डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ की गई तो बताया कि वे मोहनियां थाना क्षेत्र के दादर गांव के सर्वजीत साह के पुत्र अशोक साह से गांजा की खेप लाया था। अशोक मुखिया प्रतिनिधि बताया जाता है। वह गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड है। एक माह पहले दुर्गावती में गांजा की बड़ी खेप के साथ इसका भाई प्रदीप साह भी गिरफ्तार हुआ था। पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है और तस्करी में लिप्त बड़े सरगना की तलाश की जा रही है।
एक माह पहले धराया था पांच करोड़ का गांजा : रामगढ़ में एक माह पहले दुर्गावती में 18 फरवरी को पांच करोड़ रुपए मूल्य का गांजा पुलिस ने बरामद किया था। पुलिस को सफलता तब मिली थी जब तस्कर उड़ीसा से लाए गए गांजा के खेप की स्कोर्पियो में डील कर रहे थे। तब कैमूर पुलिस व यूपी एसटीएफ की टीम ने डीसीएम ट्रक के आगे के हिस्से में 22 बोरों में भरा 668.560 किग्रा गांजा बरामद किया था। डील करते पांच तस्कर भी धराए थे। इस खेप को मास्टरमाइंड तस्करों ने अदरक से ढ़क कर छिपा रखा था।
ओडिशा से कैमूर पंहुचती है गांजा की खेप : कैमूर में गांजा की खेप उड़ीसा से लाई जाती है। कैमूर में गांजा तस्करी के मास्टरमाइंड दादर से इसका संचालन करते हैं। अशोक व प्रदीप दोनों भाई इस अवैध धंधे की कमान संभालते हैं। प्रदीप एक माह पहले जब दुर्गावती में पकड़ा गया था तब खुलासा हुआ था कि उड़ीसा के सिलिगुड़ा के रायगढ़ा का रघ्घू दादा गांजा के अंतर्राज्यीय तस्करी की बड़ी मछली है। उसके यहां से माल लाने के बाद कैमूर में गांजा को चिन्हित जगहों पर भेजकर खपाया जाता है।

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