महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद वो चर्चाओं में आ गए हैं। उन्होंने ईद पर मुसलमानों को वर्चुअल तरीके से बकरा काटने को कहा है। नितेश राणे ने पर्यावरण प्रेमियों पर तंज कसते हुए कहा कि जो हिन्दू त्योहारों पर ज्ञान देते हैं उनसे कहिए के वो बक़रीद पर मस्त कंप्यूटर पर फोटो लगाकर बकरा काटें।
‘ईद पर वर्चुअल बकरे की कुर्बानी दें’
नितेश राणे ने कहा कि “यही बात हम सभी को समझना चाहिए अपनी होली आई या दिवाली आती है तो अपने कुछ सलाह देने के लिए आगे आते हैं। वीर सावरकर ने कहा है ना हिंदुओं को मुसलमान से खतरा नहीं हिंदुओं से खतरा है, अपने ही कुछ नालायक है. हमारी होली के त्यौहार में कहते हैं पर्यावरण के अनुसार होली मनाएं, ड्राय होली मनाएं, पटाखे मत फोड़ों .
उन्होंने आगे कहा, “अब यह बकरी ईद आई है ना उनसे बोलिए कि जरा वर्चुअल बकरी ईद मना लें, मत काटो बकरी है, अगर हिम्मत तुम्हारे अंदर। किस लिए प्राणियों को परेशान कर रहे हो, मस्त कंप्यूटर पर एक बकरी लगाओ और दिखाओ हम बकरी काट रहे हैं…यह सलाह उन्हें क्यों नहीं देते है, हिम्मत पर्यावरण वालों में यह सलाह देने की एक बार दे के देखो फिर कहां-कहां घूमते नजर आएंगे।
नितेश राणे ने इस दौरान मदरसों को लेकर भी निशाना साधा और कहा, “मैं पहले दिन से कहता आया हूं कि ये मदरसे आतंकवादियों के अड्डे हैं और यहां किसी तरह की असली शिक्षा नहीं दी जाती. अगर हमारी पुलिस इन पर छापेमारी करें और मैं पुलिस से अपील करता हूं कि हिंदुत्ववादी सरकार सत्ता में रहते हुए अपना काम ठीक से करें।
‘मदरसो में आतंकवादी तैयार हो रहे हैं’
उन्होंने कहा, “अगर इन मदरसों पर रेड डालने के बाद उन्हें मेडल न मिले, तो मेरा नाम नितेश राणे नहीं. बस थोड़ा साहस दिखाइए! मीरा रोड दंगों के बाद हमने देखा है कि हमारी पुलिस फोर्स क्या कर सकती है. इन सभी मदरसों में आतंकवादी तैयार किए जा रहे हैं. ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां मदरसों के अंदर आतंकवादी और हथियार मिले हैं. क्या कोई मुझे एक भी ऐसा मदरसा दिखा सकता है जहां से कोई डॉक्टर या इंजीनियर निकला हो? अगर गलती से कोई प्रोफेशनल बन भी जाता है, तो आखिर में वह आतंकवादी ही बनता है.”
मंत्री राणे ने ये भी कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि फिर डिग्री लेने का फायदा क्या है। हर बार जब कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो कहा जाता है कि ‘वह डॉक्टर था’ या ‘वह इंजीनियर था.’ लेकिन पढ़ाई क्यों कर रहे थे भाई? बम लगाने के लिए? मदरसों में यही सिखाया जाता है कि पिछली बार छोटा बम बना था, इस बार बड़ा बनाना. यही उनकी शिक्षा है. उन्होंने लोगों से कहा कि अब बस इंतजार कीजिए और देखिए कि मेरे यहां आने के बाद क्या-क्या होता है।






