बजट 2022 की चुनौतियों को कैसे निपटाएगी सरकार

द न्यूज़ 15
नई दिल्ली। अनगिनत सवाल नौकरीपेशा लोगों के मन में हैं। ऐसे ही किसानों के मन में भी बजट से लेकर बहुत सारे सवाल हैं। जैसे क्या किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ेगी? क्या बजट में खाद, बीज, फसल बीमा, या इनकम बढ़ाने के लिए कोई नई योजाना आएगी? लेकिन, इन सवालों और पब्लिक की उम्मीदों के बीच सरकार के पास दूसरी तरह की चुनौतियां भी हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश करेंगी। वित्त मंत्री के सामने कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था में मजबूती लाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी। इस बार बजट में 7 प्रमुख चुनौतियों पर फोकस किया जा सकता है..
1. आर्थिक विशेषज्ञों के साथ आम जनता भी महंगाई में कमी लाने की बात कर रहे हैं। ऐसे में वित्त मंत्री पर महंगाई को काबू करने वाले कदम उठाने का दबाव होगा।
2. कोरोना महामारी के बाद लोगों की नौकरियां जाने से इस समय देश में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विशेषज्ञ भी अर्थव्यवस्था में मजबूती लाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़ने की सलाह दे रहे हैं।
3. कोरोना के कारण सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ा है। सरकार का खजाना खाली है।
सरकार अगले साल विनिवेश के जरिए ज्यादा से ज्यादा पैसा जुटाने के लिए भी बड़े ऐलान कर सकती है।
4. सरकार लगातार रुपये में मजबूती लाने की बात कहती रही है, लेकिन इसमें ज्यादा सफलता मिलती नहीं दिख रही है। ऐसे में इस बार रुपये में मजबूती के लिए कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
5. सरकार लंबे समय से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इसमें विभिन्न सेक्टर्स के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) जैसी योजनाएं प्रमुख हैं।ऐसे में व्यापार घाटे में कमी लाने के लिए बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।
6. यूक्रेन-रूस के बीच तनाव, मांग-आपूर्ति में अंतर और सप्लाई बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।ऐसे में वित्त मंत्री के सामने महंगे कच्चे तेल से निपटने की चुनौती भी होगी।
7. विकास कार्यों के लिए ज्यादा से ज्यादा पैसा जुटाने के लिए लंबे समय से विदेशी निवेशकों को लुभाया जा रहा है।निवेशकों को लुभाने के लिए वित्त मंत्री टैक्स छूट समेत अन्य लाभों का ऐलान भी कर सकती हैं।

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