Bijnor News : कब तक करते रहेंगे दूसरे शहरों के लिए पलायन

रोजगार के नाम पर नो चीनी मिल, दो पेपर मिल और एक या दो छोटी-मोटी कंपनी कहां है रोजगार?

आज चुनाव का दौर चल रहा है लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं क्या किसी उम्मीदवार ने रोजगार को अपना चुनावी मुद्दा बनाया है, वर्तमान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के भी बिजनौर में दौरे हो चुके हैं क्या किसी जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री को बेरोजगार की इस स्थिति से रूबरू कराया?

 

पवन कुमार 
बिजनौर -उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत जनपद बिजनौर जो शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना एक स्थान रखता है जहां पर रोजगार के साधन न के बराबर है जिस कारण बिजनौर का बेरोजगार युवा अपना घर परिवार छोड़कर दूसरे शहरों को पलायन करने को मजबूर है, रोजगार के नाम पर नो चीनी मिल जिसमे एक सहकारी और बाकी प्राइवेट है, एवं दो पेपर मिल और एक दो छोटी-मोटी फैक्ट्रियां है इनमें भी काफी हद तक बाहरी लोग रोजगार पा रहे हैं। किसी समय जनपद बिजनौर की शान नजीबाबाद शहर में एक बहुत cold drink कोल्ड ड्रिंक बड़ा प्लांट था जिसे देसी लोग (थम्स अप फैक्ट्री) भी कहते थे जिसके मालिक चंद्रा के नाम से जाने जाते थे जिन्होंने हजारों लोगों को रोजगार दे रखा था यह फैक्ट्री कई वर्षों पहले बंद हो चुकी है, इन्हीं की एक कत्था फैक्ट्री इसी शहर में थी वहां पर भी हजारों लोग काम करते थे वह भी कई वर्षों से बंद है, इन्हीं का इसी शहर में मानसरोवर नाम से पेपर मिल था वह भी कई वर्षों से बंद है, इसी शहर में एक बद्री केदार नाम से पेपर मिल था वह भी बंद है, 84 के दशक में किरतपुर शहर में एक राम पेपर मिल लगा जिसने धीरे-धीरे चार यूनिट का विस्तार किया और हजारों लोगों को रोजगार दिया इसके भी आज की तारीख में दो यूनिट बंद है, और भी बिजनौर में कई रोजगार बंद हो चुके हैं और कोई नया रोजगार नहीं खुला है, किसी समय बिजनौर शहर में भी एक चारू नाम से पेपर मिल हुआ करता था वह भी कई वर्षों से बंद है, अब बिजनौर का बेरोजगार युवा करें तो क्या करें वह घर परिवार छोड़कर दूसरे शहरों के लिए पलायन करने को मजबूर है, यह सब लिखने का लेखक का एक ही मकसद है, क्या बिजनौर में रोजगार के साधन नहीं होने चाहिए? और अगर होने चाहिए तो क्या किसी ने इसके लिए आवाज उठाई, आज चुनावी सर गर्मियां तेज हैं, सभी प्रत्याशी जीत के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं वोटर वोट डालने के लिए व्याकुल है जगह-जगह पर चुनावी चर्चाएं चल रही है कौन जीतेगा कौन हारेगा इस पर बहस चल रही है, लेकिन चुनावी मुद्दा क्या है किसी का कोई ध्यान नहीं है, क्या किसी प्रत्याशी ने रोजगार को अपना मुद्दा बनाया?
जहां तक जानकारी में है वर्तमान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के भी दौरे जनपद बिजनौर में हो चुके हैं क्या किसी जनप्रतिनिधि ने इस विषय पर माननीय मुख्यमंत्री को रूबरू करने की कोशिश की?नहीं तो फिर यह क्यों जनता के हमदर्द बनते हैं क्यों जनता उनकी वाह वाही करती है।
जनपद बिजनौर कई पर्यटकों के आकर्षण से गिरा है, 1- नजीबाबाद में नाजीबुद्दोला का किला इसे सुल्ताना डाकू के किले के नाम से भी जानते हैं,
2-विदुर कुटी आश्रम दारानगर गंज, 3- इंदिरा पार्क बिजनौर,
4- विदुर कोटी मंदिर दारानगर गंज, और भी कई आकर्षक केंद्र हैं।

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