Himachal Pradesh Legislative Assembly : भाजपा के खेल को रोकने के लिए विधायकों को चंडीगढ़ ले जा सकती है कांग्रेस

हिमाचल प्रदेश में मतगणना चल रही है। इस बीच खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस अपने विधायकों को चंडीगढ़ शिफ्ट कर सकती है

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती चल रही है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही थी लेकिन बाद में कांग्रेस आगे निकल गई। इस बीच खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस अपने विधायकों को चंडीगढ़ शफ्ट कर सकती है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है कि कांग्रेस को डर है कि बीजेपी बहुमत पाने के लिए कांग्रेस के विधायकों को अपनी ओर करने की कोशिश कर सकती है। ऐसे में पार्टी विधायकों को कहीं और शिफ्ट करने का सोच रही है।
चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार कांग्रेस 40 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बीजेपी पीछे चल रही है। ऐसे में कांग्रेस को राज्य में स्पष्ट रूप से बहुमत हासिल हो गया है क्योंकि सरकार बनाने के लिए 35 सीटों की जरूरत है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के पास अगर एकाध सीट कम रह जाती है तो वह बहुमत हासिल करने की कोशिश कर सकती है।
हिमाचल में कांग्रेस को खरीद-फराख्त का डर है। रिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी अपने विधायकों को मोहाली के रेडिसन होटल ले जाने की तैयारी में है। उधर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा है कि हमें ऑपरेशन लोटस का डर नहीं है। 10 सूत्रीय वादा पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम 40 सीटों पर आगे चल रही है। हम राज्य में 10 गारंटी लागू करेंगे। हम ऑपरेशन लोटस से नहीं डरते, अगर ये आंकड़े जारी रहे तो ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।
कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि पार्टी अपने विधायकें को चंडीगढ़ के रास्ते छत्तीसगढ़ ले जाएगी। पार्टी ने विधायकों को छत्तीसगढ़ शिफ्ट करने की योजना इसलिए बनाई है क्योंकि यहां कांग्रेस सत्ता में है।
वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी तीन सीटें जीती हैं। ऐसे में भाजपा ने पहले ही निर्दलीय उम्मीदवारों से बातचीत शुरू कर दी है। इन निर्दलीयों में से दो भाजपा के बागी हैं। सरकार बनाने का फैसला करने में एक महत्पूर्ण कारक हो सकते हैं। निर्दलीयों का समर्थन जीतने का काम भाजपा के वरिष्ठ नेता और हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम सिंह धूमल करेंगे। निर्दलीय कथित तौर पर उनके प्रति वफादार हैं।

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