सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ लोकसभा सीट से थे सांसद, करहल विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने लोकसभा सीट से दे दिया है इस्तीफा
द न्यूज 15
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कल हुई बसपा प्रमुख मायावती की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई है। इस बैठक में मायावती ने आजमगढ़ लोकसभा सीट पर उप चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। बसपा ने आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव से पूर्व विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली उम्मीदवार बनाया है। गुड्डू जमाली 2012 से 2017 और 2017 से 2022 तक दो बार आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट से बसपा से विधायक रह चुके हैं।
गुड्डू जमाली को मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक दल का नेता भी बनाया है। दरअसल चुनाव से कुछ समय पहले उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया था। गुड्डू जमाली 2022 का विधानसभा चुनाव AIMIM के टिकट पर लड़े पर सपा उम्मीदवार के सामने हार गए। चुनाव के तुरंत बाद गुड्डू जमाली फिर से बसपा में आ गए हैं।
गुड्डू जमाली को अपना उम्मीदवार बनाने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि, “मौजूदा समय में प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद बसपा अभी भी सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की अपनी नीति पर कायम है। इन सब बातों को ध्यान में रखकर ही आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को मैदान में उतारने का फैसला किया गया है।” बसपा प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को उनके पद पर बरकरार रखा गया है। साथ ही पार्टी ने पूर्व सांसद बाबू मुनकाद अली, राजकुमार गौतम और पूर्व एमएलसी विजय प्रताप को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है।
इस अवसर पर बसपा सुप्रीमो मायावती नेकहा कि भले ही पार्टी को चुनाव में सफलता ना मिली हो पर हमें निराश नहीं होना है। पार्टी की नीतियों पर निरंतर काम करना है। मायावती का कहना था कि भाजपा ने आरएसएस के जरिये ये दुष्प्रचार करवा दिया किबसपा की सरकार ना बनने पर उन्हें राष्ट्रपति बनाया जायेगा।मायावती ने कहा है कि मैं अपने सपने में भी ऐसा नहीं सोच सकती। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी ने भी ये प्रस्ताव ठुकरा दिया था तो फिर वह कैसे स्वीकार कर सकती हैं।








