पत्रकारिता और राजनीति के दो महान स्तंभों की अभूतपूर्व भेंट : राकेश जाखेटिया
दिल्ली की राजनीति के एक अनुभवी, ईमानदार और जनसमर्पित चेहरा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष तथा वरिष्ठ विधायक श्री सुभाष चोपड़ा का सम्मान उनके आवास पर एक गरिमामयी समारोह में किया गया। यह विशेष अवसर राष्ट्र टाइम्स के 45वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्र टाइम्स के प्रधान संपादक श्री विजय शंकर चतुर्वेदी ने उन्हें शॉल, प्रतीक चिन्ह और एक विशेष स्मारिका भेंट की।
यह एक सम्मान नहीं था, बल्कि सत्य, सेवा और संवेदनशीलता की उस विरासत का उत्सव था जिसे दोनों महान हस्तियों ने अपने अपने क्षेत्रों में स्थापित किया है।
52 वर्षों की निर्भीक पत्रकारिता का सम्मान
श्री सुभाष चोपड़ा ने श्री विजय शंकर चतुर्वेदी के पत्रकारिता जीवन की विशेष सराहना करते हुए कहा कि –
> “आज के समय में जब पत्रकारिता कई बार मार्ग से भटकती नजर आती है, ऐसे दौर में राष्ट्र टाइम्स और श्री चतुर्वेदी जैसे निर्भीक संपादक लोकतंत्र की असली ताकत हैं। उनकी लेखनी ने सदैव जनता की आवाज़ को बुलंद किया है, और सच्चाई को किसी दबाव या भय के बिना प्रकाशित किया है।”
श्री चतुर्वेदी का पत्रकारिता सफर 52 वर्षों से अधिक का है, जिसमें उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सैकड़ों धारदार, ईमानदार और तथ्यपरक लेख लिखे हैं। उनका उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को जगाना और दिशा देना रहा है।
सुभाष चोपड़ा – जनता के नेता, संवेदनशील समाजसेवी
वहीं श्री चतुर्वेदी ने भी श्री सुभाष चोपड़ा के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को गहराई से याद करते हुए कहा:
> “श्री चोपड़ा न केवल एक अनुभवी राजनेता हैं, बल्कि वे दिल से एक जनसेवक हैं। उन्होंने हमेशा झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीब तबके, बेसहारा लोगों और जरूरतमंद परिवारों की पुनर्वास और सहायता के लिए अविराम कार्य किया है।”
उनका राजनीतिक जीवन किसी पद या सत्ता की लालसा से नहीं, बल्कि जनता की सेवा और संघर्षों से जुड़ा हुआ रहा है। उन्होंने दिल्ली की राजनीति में साफ़-सुथरी छवि, विकासोन्मुखी दृष्टिकोण और जनभावनाओं के सम्मान को बनाए रखा।
पत्रकारिता और राजनीति का अनोखा संगम
दोनों हस्तियों ने एक-दूसरे के योगदान को नमन करते हुए यह भी जताया कि
> पत्रकारिता और राजनीति, दोनों लोकतंत्र के दो मजबूत स्तंभ हैं। जब ये दोनों ईमानदारी से अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हैं, तभी समाज प्रगति और न्याय के रास्ते पर चलता है।
राष्ट्र टाइम्स की यह पहल न केवल पत्रकारिता और राजनीति के संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि लोकतंत्र में सत्य, संवेदना और संघर्ष की परंपरा अभी भी जीवित है। यह सम्मान समाज के लिए एक प्रेरणा बन गया — कि चाहे आप पत्रकार हों या राजनेता, ईमानदारी, जनसेवा, और दूरदर्शिता ही वह मूल्य हैं जो व्यक्ति को इतिहास में स्थान दिलाते हैं।
राष्ट्र टाइम्स और श्री विजय शंकर चतुर्वेदी की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि मूल्य आधारित कार्य और सच्ची निष्ठा ही व्यक्ति की असली पहचान है।







