ऑल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा ने किया सहारा अडानी डील का विरोध
लखनऊ। जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए
कहा है कि सरकार अप्रत्यक्ष रूप से अडानी ग्रुप को आगे कर सहारा की संपत्तियों को हड़पना चाहती है, जिसका जन आंदोलन मोर्चा विरोध दर्ज करता है। सरकार जिस सहारा प्रबंधकों की संपत्तियों को बेच कर उन्हें जेल के सलाखों के पीछे भेजना चाहिए था। उसे बचाकर सेफ करना चाहती है और उसके बदले में अदाणी ग्रुप को आगे करके उसकी संपत्तियों को कौड़ियों के भाव में खरीद फरोख्त कराकर मामले को रफा दफा करा कर निवेशकों के पैसे हड़पना चाहती है, जिसके लिए उसने अदाणी ग्रुप से पर्दे के पीछे सौदा करा कर सुप्रीम कोर्ट पहुंच कर सभी कानूनी कार्यवाहियों से क्लीन चिट दिलाना चाहती है, ताकि देश भर में कोई कानूनी कारवाही ना कर सके। सहारा प्रबंधक के शीर्ष पर बैठे लोग बरी हो जाएं।
जन आंदोलन मोर्चा इसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपना आपत्ति दर्ज कराएगा। जन आंदोलन मोर्चा ने देश भर में बड़ा प्रदर्शन कर सहारा इंडिया के काले कारनामे उजागर किया है। अब जब ईडी और तमाम जांच एजेंसियां सहारा के बड़े डायरेक्टरों और प्रबंधन से जुड़े लोगों के गिरेबान तक पहुंच गई है तो ऐसे में सरकार उनकी संपत्तियों को नीलाम कर बेचें किसी प्राइवेट कंपनी को आगे कर सभी मुकदमे क्यों हटाए जा रहे है।
इससे तो भ्रष्टाचार मे लिप्त अधिकारी बच कर निकल जायेंगे और निवेशकों को दूसरी कंपनी के रहमो करम पर आश्रित रहना पड़ेगा। फिर वही होगा जो पहले 13 वर्षों से निवेशकों को झेलना पड़ा है। सरकार इधर उधर की लफ्फाजी ना करे निवेशकों को उनका संपूर्ण भुगतान दिलाने के लिए उनके प्रबंधन को तुरंत गिरफ्तार करे और उनकी निजी संपत्तियों को बेंच कर देश भर के निवेशकों का तुरंत पैसा वापस करे।








