अलविदा जुम्मा (जमात – उल – विदा) रमजान (रमदान) के पवित्र महीने का आखिरी जुम्मा होता है

मुस्लिम समुदाय में मान्यता है कि जुम्मा (शुक्रवार) अल्लाह के दरबार में रहम का दिन होता है जुम्मे की नमाज से पिछले हफ्ते के सारे गुनाह (पाप) माफ हो जाते हैं, और एक जुम्मे की नमाज से 40 नमाजो के बराबर सबाब (पुण्य) मिलता है

पवन कुमार
रमजान ( रमदान)Ramzan के पवित्र महीने के आखरी जुम्मे को अलविदा जुम्मा ,जमात – उल – विदा कहा जाता है,इसको मुस्लिम समुदाय छोटी ईद के रूप में मनाते हैं। अलविदा जुम्मा एक शुभ दिन है जो रमजान की नमाज के अंत के साथ-साथ नव इस्लामिक महीने की शुरुआती जश्न के रूप में भी मनाया जाता है । यह दिन दुनिया भर के सभी मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र एवं कीमती है, और वे सभी अल्लाह से प्रार्थना इबादत करते हैं इस दिन लोग इस्लामिक पवित्र ग्रंथ( पुस्तक )कुरान से प्रार्थना करते हैं और उसका पाठ करते हैं। जुम्मा मुबारक का शाब्दिक अर्थ है हैप्पी फ्राईडे, जहां जुम्मा का अर्थ शुक्रवार और मुबारक ( धन्य )के रूप में होता है मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार जुम्मे को साप्ताहिक (नमाज) प्रार्थना करते हैं, जिसको मुस्लिम वर्ग अपने धर्म के लिए पवित्र मानते हैं और इस्लामिक मान्यता के अनुसार ये पवित्र दिन माना जाता है
जुम्मे के दिन क्या करें -जुम्मे के दिन गुसल (स्नान )जरूर करें, जिससे हमारा शरीर पवित्र होता है। इत्र जरूर लगाएं। सिवाक -दांतो को जरूर साफ करें मान्यता है कि यह तीनों नियमों का पालन करने से नमाज अल्लाह तक पहुंचती है। साथ ही और भी बहुत सी बातें हैं जैसे कोशिश करें कि जुम्मा की नमाज की अजान से पहले पैदल चलकर मस्जिद पहुंचे। जब नवी का नाम लिया जाए तो सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम जरूर कहें। रमजान की शुरुआत 24 मार्च को हो गई है, अलविदा जुम्मा (जमात- उल- विदा)21 अप्रैल को है और इसके बाद ईद मनाई जाएगी। नमाज के लिए कुछ रकात होती है वैसे ही जुमे को 14 रकात होती है। अल्लाह एकमात्र परमेश्वर है इसके अलावा कोई पूजा, प्रार्थना, नमाज योग्य नहीं है हजरत मुहम्मद(स) अल्लाह के सबसे प्यारे और अंतिम रसूल है मुस्लिम समुदाय में ऐसी मान्यता है। अलविदा जुम्मा (जमात – उल – विदा) के दिन को इस्लाम में बहुत महत्वपूर्ण एवं पवित्र बताया गया है। इस्लाम के पूरे रमजान महीने के अंत में यह आखरी जुम्मे की रात होती है। रमजान का पाक महीना चल रहा है मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे महीने रोजा रखते हैं 24 मार्च को शुरू हुए रमजान का 28 वा दिन है अलविदा जुम्मा यानी जमात- उल – विदा, इस दिन कुरान का पाठ किया जाता है साथ ही पूरी नमाज पढ़ी जाती है इस दिन का महत्व पवित्र ग्रंथ कुरान में भी बताया गया है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा होकर नमाज पढ़ते हैं जो लोग हर रोज नमाज नहीं पढ़ पाते वह जुम्मे के दिन मस्जिद जाकर नमाज पढ़ते हैं।
जुम्मा (शुक्रवार) ही क्यों? अल्लाह के दरबार में रहम का दिन इस्लाम धर्म में शुक्रवार को अल्लाह के दरबार में रहम का दिन बताया गया है। माना जाता है कि जुम्मे के दिन नमाज पढ़ने से पूरे हफ्ते की गलतियां (पाप) माफ हो जाते हैं, जुम्मे का दिन स्वम अल्लाह ने चुना है ऐसी मान्यता है -हफ्ते के सभी दिनों में उन्होंने शुक्रवार (जुम्मे )को सर्वश्रेष्ठ माना है अल्लाह ने पूरे वर्ष में से रमजान(रमदान)एक महीना सबसे पवित्र माना है।अल्लाह के रसूल ने कहा है जब शुक्रवार (जुमा) होता है तो अल्लाह के फरिश्ते मस्जिद के हर दरवाजे पर खड़े होते हैं,और लोगों को उनके आगमन के क्रम में दर्ज करते हैं।और जब इमाम बैठते है(उपदेश देने के लिए मंच पर)तो वे अपनी तह लगाते हैं, स्कॉल करें और (अल्लाह का उल्लेख सुने)।

(लेखक का उद्देश्य किसी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नही अपितु पाठकों तक जानकारी पहुंचाने का है  )

  • Related Posts

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    संजय के. झा   (मूल अंग्रेजी से हिन्दी…

    Continue reading
    जाति का विनाश’: संतराम बीए, आंबेडकर और गांधी के बीच वाद-विवाद और संवाद

    सिद्धार्थ रामू संतराम बीए (14 फरवरी, 1887 –…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    किसान सभा की मांग पर 64.7% अतिरिक्त मुआवजे के वितरण के आदेश लखनऊ से जारी

    किसान सभा की मांग पर 64.7% अतिरिक्त मुआवजे के वितरण के आदेश लखनऊ से जारी

    अपनी दुर्दशा पर रो रहा नयाबास का सरकारी स्कूल, महीनों गायब रहती हैं शिक्षका, पानी और शौचालय का दुरुस्त व्यवस्था नहीं  

    अपनी दुर्दशा पर रो रहा नयाबास का सरकारी स्कूल, महीनों गायब रहती हैं शिक्षका, पानी और शौचालय का दुरुस्त व्यवस्था नहीं  

    जंतर-मंतर पर पुलिसवालों के नेम टैग क्यों गायब? CPI सांसद ने अमित शाह को लिखा लेटर!

    जंतर-मंतर पर पुलिसवालों के नेम टैग क्यों गायब? CPI सांसद ने अमित शाह को लिखा लेटर!

    फॉर्म 6 पर SC की टिप्पणी से बवाल, कांग्रेस और CJP बोली- ‘…तो CEC ने झूठ बोला’

    फॉर्म 6 पर SC की टिप्पणी से बवाल, कांग्रेस और CJP बोली- ‘…तो CEC ने झूठ बोला’

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    क्या लोकतंत्र शासकों के हुक्म का नाम है या लोगों के अधिकारों का?

    Rajya Sabha : बीजेपी ने घोषित किये 8 प्रत्याशी, बनाया जातीय समीकरण! 

    Rajya Sabha : बीजेपी ने घोषित किये 8 प्रत्याशी, बनाया जातीय समीकरण!