राजस्थान के सीएम पद पर पड़ेगा करणी सेना अध्यक्ष हत्याकांड का असर ?

चरण सिंह राजपूत 

राजस्थान में राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी हत्याकांड को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। गोगामेड़ी राजपूत समाज के मान सम्मान और अधिकार की लड़ाई लड़ने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। राजपूत समाज के लिए उनकी प्रतिबद्धता इस कदर थी कि बदमाश आनंदपाल एनकाउंटर पर उन्होंने शव को सड़क पर रखकर बड़ा आंदोलन किया था। वह आनंदपाल एनकाउंटर ही था कि 2018 में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। अब जब  राजस्थान में जाट समाज से आने वाले बाबा बालक नाथ को बड़े स्तर पर लोग मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। उनकी तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर रहे हैं। जब मुख्यमंत्री बनने के लिए वसुंधरा राजे शक्ति प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष की हत्या हो जाना क्या बीजेपी सरकार को चुनौती देना है ?

दरअसल लंबे समय से राजस्थान में कानून व्यवस्था पर उंगली उठती रही है। यही वजह है कि राजस्थान में बदलाव होते ही राजस्थान के योगी माने जाने वाले बाबा बालक नाथ को मुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग की जा रही है। देखने की बात यह है कि राजस्थान में राजपूत और जाट समुदाय में वर्चस्व की लड़ाई रही है। संख्या के आधार पर भले ही जाट समाज हो पर वर्चस्व के मामले में राजपूत समाज आगे माना जाता है। राजस्थान में यदि वसुंधरा राजे और बाबा बालकनाथ के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर वर्चस्व की लड़ाई लड़ी जाएगी तो राजपूत समाज वसुंधरा राजे के साथ खड़ा दिखाई देगा, जो बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। वैसे भी करणी सेना का काम करने का तरीका बड़ा आक्रामक है। करणी सेना की बीजेपी में बड़ी पैठ मानी जाती है। जब भी राजपूत समाज के मान सम्मान और अधिकार की बात आती है तो करणी सेना प्रमुखता से मोर्चा संभालती है। देखने की बात यह भी है कि सीसीटीवी में जो फुटेज सामने आये हैं उनके अनुसार हत्यारे आराम से बैठकर सुखदेव सिंह के साथ बातें कर रहे हैं।

दरअसल राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को जयपुर के श्यामनगर इलाके में उनके घर में ही गोली मारी गई है। दरअसल सुखदेव सिंह गोगामेड़ी लंबे समय से राष्ट्रीय करणी सेना से जुड़े रहे हैं। उन्होंने करणी सेना संगठन में काफी समय पहले हुए विवाद के बाद राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से अलग संगठन बना लिया था। गोगामेड़ी उसके अध्यक्ष थे। वे फिल्म पद्मावत और गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर केस के बाद राजस्थान में हुए विरोध प्रदर्शन से खासा चर्चा में आए थे। इन मसलों को लेकर उनके कई वीडियो भी वायरल हुए थे
जयपुर में हाई अलर्ट पर आया पुलिस प्रशासन

सुखदेव सिंह को गोली मारने के बाद इसकी सूचना पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल गई। सुखदेव सिंह हत्याकांड के बाद प्रदेश में माहौल ख़राब होने की आशंका हो गई है। हालात को देखते हुए पूरे जयपुर शहर में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर आ गई। वहीं प्रदेश के अन्य इलाकों में भी अलर्ट कर दिया गया। हमलावर कौन थे और कहां से आए थे इसका अभी तक कुछ नहीं चल पाया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दौड़ रही है, वहीं प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है. बताया जा रहा है कि गोगामेड़ी पिछले काफी समय से सुरक्षा की मांग कर रहे थे।

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