पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के 53 दिन बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति

12 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए। उनका यह अचानक आगमन राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि जुलाई में इस्तीफा देने के बाद वे लगभग दो महीने से सार्वजनिक जीवन से गायब थे। इस दौरान अटकलों और विवादों का दौर चला, लेकिन धनखड़ ने चुप्पी साधे रखी।

 

घटना का संक्षिप्त विवरण

 

तारीख और स्थान: 12 सितंबर 2025, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली।
कार्यक्रम: सीपी राधाकृष्णन (पूर्व झारखंड और महाराष्ट्र के राज्यपाल) ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
धनखड़ की उपस्थिति: वे अपनी पत्नी के साथ समारोह में पहुंचे और पूर्व उपराष्ट्रपतियों एम. वेंकैया नायडू तथा हामिद अंसारी के बगल में बैठे नजर आए। यह एक स्थापित संवैधानिक परंपरा के तहत पूर्व उपराष्ट्रपतियों को आमंत्रित करने का हिस्सा था।
प्रतिक्रिया: समारोह में मौजूद लोग और मीडिया उनकी मौजूदगी से चौंक गए, क्योंकि यह उनके इस्तीफे के ठीक 53 दिन बाद का पहला मौका था। वीडियो फुटेज में वे मुस्कुराते हुए नए उपराष्ट्रपति से हाथ मिलाते दिखे।
पृष्ठभूमि: इस्तीफा और चुप्पी का दौर
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा राजनीतिक रूप से अप्रत्याशित था, क्योंकि धनखड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता और 2022 से इस पद पर थे। इस्तीफे के बाद:

अटकलें: सरकार और धनखड़ के बीच लंबे समय से मतभेद की खबरें आईं, खासकर विपक्ष से तालमेल और न्यायिक मामलों (जैसे न्यायमूर्ति शेखर यादव का मुद्दा) पर। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नेताओं की कई अपीलें अनसुनी रहने के बाद यह कदम उठाया गया।
चुप्पी तोड़ना: 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव परिणाम के बाद धनखड़ ने पहला सार्वजनिक बयान जारी किया, जिसमें सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी। उन्होंने कहा, “आपके अनुभव से उपराष्ट्रपति पद की शोभा और गौरव बढ़ेगा।” लेकिन शारीरिक उपस्थिति में यह पहली बार था।
चुनाव प्रक्रिया: इस्तीफे के बाद पद रिक्त होने पर 9 सितंबर को चुनाव हुआ, जिसमें एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने 452 वोटों से जीत हासिल की। विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
अन्य प्रमुख अतिथि
शपथ समारोह में कई दिग्गज नेता शामिल हुए:

अतिथि पद/भूमिका
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री
अमित शाह गृह मंत्री
राहुल गांधी विपक्ष के नेता
एम. वेंकैया नायडू पूर्व उपराष्ट्रपति
हामिद अंसारी पूर्व उपराष्ट्रपति
ओडिशा के सीएम मोहन माझी मुख्यमंत्री
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत राज्यपाल
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर यह खबर ट्रेंड कर रही है। दैनिक जागरण जैसे हैंडल्स ने वीडियो शेयर किया, जिसमें धनखड़ की उपस्थिति को हाइलाइट किया गया। यूजर्स ने इसे “चौंकाने वाली वापसी” बताया, जबकि कुछ ने राजनीतिक साजिशों की अटकलें लगाईं।

यह घटना भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ती है, जहां धनखड़ की वापसी से पुरानी अटकलें थम सकती हैं। आगे की कोई आधिकारिक टिप्पणी का इंतजार है।

 

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