आखिर बिहार में भी बीजेपी ने ढहा दिया समाजवादियों का किला!

बिहार में पहली बार बनेगा बीजेपी का मुख्यमंत्री, लालू के साथ ही नीतीश का भी खेल खत्म

चरण सिंह  

उत्तर भारत में एक बिहार ही ऐसा राज्य रहा है जिसमें बीजेपी अपना मुख्यमंत्री नहीं बना पाई थी। अब बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य सभा में भेजा जा रहा है। अब बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने के सभी रास्ते खुल चुके हैं। मतलब बीजेपी ने बिहार में समाजवादियों का सूपड़ा साफ़ कर दिया है। लालू, नीतीश तेजस्वी सभी का खेल ख़त्म हो चुका है।

यूपी से कांग्रेस के साथ ही बीएसपी और समाजवादी पार्टी का वर्चस्व खत्म हो चुका है। भले ही लोकसभा में सपा की 37 सीटें हों पर समाजवादी पार्टी मुख्य विपक्षी होने के बावजूद कहीं दिखाई नहीं दे रही है। दिल्ली में कांग्रेस के साथ आप का खेल खत्म दिया गया है। महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ ही एनसीपी का खेल खत्म किया। शरद पवार दंतहीन शेर घोषित कर दिए गए हैं। मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस का राज खत्म कर बीजेपी ने सत्ता कब्ज़ा ली है। ऐसे ही बिहार में लालू प्रसाद के साथ ही नीतीश राज को भी खत्म कर दिया गया है।

देखने की बात यह है कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया गया तो सबसे अधिक विरोध नीतीश कुमार ने ही किया था। विरोध इतना था कि नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़कर अपने दम पर 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। जब चुनाव में नीतीश कुमार बुरी तरह से परास्त हुए तो नीतीश कुमार ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया था। बात में जब जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा तो नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया और 2015 का विधानसभा चुनाव आरजेडी से मिलकर लड़ा। महागठबंधन की सरकार बनी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बने।
2017 में नीतीश कुमार ने आरजेडी से नाता तोड़कर बीजेपी से जोड़ लिया। 2019 का लोकसभा चुनाव बीजेपी से मिलकर लड़े पर बीजेपी ने मात्र आरसीपी सिंह को ही मंत्री पद दिया। नीतीश कुमार कुछ नहीं कर पाए। 2022 में नीतीश कुमार ने फिर से आरजेडी से नाता तोड़ लिया और कहा कि उन्हें मरना मंजूर है पर वह कभी बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएंगे। वह बात दूसरी है कि नीतीश कुमार को जब इंडिया गठबंधन ने प्रधानमंत्री पद का दावेदार नहीं बनाया तो वह फिर से एनडीए में चले गए। नीतीश कुमार ने 2024 का लोकसभा चुनाव एनडीए के साथ मिलकर लड़ा और एनडीए की सरकार बनवाई नरेंद्र मोदीतीसरी बार प्रधानमंत्री बने।
2025 के विधानसभा चुनाव में तमाम बातें हुईं। अमित शाह ने तो यहां तक बोल दिया कि चुनाव के बाद ही मुख्यमंत्री पद घोषित किया जाएगा। नीतीश कुमार और अमित शाह के बीच काफी चूहे बिल्ली का खेल चला अंतत चुनाव परिणाम में जब जदयू की सीटें बीजेपी से कुछ ही कम रहीं तो नीतीश कुमार को भी मुख्यमंत्री बनाना पड़ा पर राजनीतिक पंडितों ने कहना शुरू कर दिया था कि बीजेपी जब्द ही अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। वही हुआ और नीतीश कुमार को राज्य सभा भेजने के लिए मनाया गया। अब बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा। जदयू पर ललन सिंह और संजय झा का असर ज्यादा देखा जा रहा है। हालांकि ललन सिंह और संजय झा का विरोध जदयू कार्यकर्ता कर रहे हैं पर अब कुछ होना  नहीं है क्योंकि खुद नीतीश कुमार ने राज्य सभा के लालच में मैदान छोड़ दिया है।
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