एमएलसी चुनाव में भी बीजेपी का परचम, कमजोर होते अखिलेश यादव 

द न्यूज 15 
लखनऊ। विधानसभा चुनाव में परचम लहराने वाली भाजपा ने अब एमएलसी चुनाव में भी जबरदस्त जीत हासिल की है। एमएलसी चुनाव में भाजपा ने ३६ में से ३३ सीटों पर कब्जा कर लिया है। इस जीत से जहां भाजपा गदगद है वहीं अखिलेश यादव के माथे पर बल पड़ गये हैं। विधानसभा में लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल करने के बाद भगवा दल ने पहली बार विधान परिषद में भी बहुमत हासिल कर लिया है। भाजपा ने इन चुनाव में 36 में से 33 सीटें जीत ली हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) को एक बार फिर से निराशा हाथ लगी है। एमएलसी चुनाव में सपा एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई है।विधान परिषद चुनाव के नतीजे कई मायनों में बेहद खास हैं और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इसका असर दिखाई देगा। भाजपा को पहली बार विधान परिषद में बहुमत मिल जाने से योगी सरकार के लिए रास्ता आसान हो गया है। अब कोई भी कानून बनाने के लिए भाजपा को विपक्ष के समर्थन की आवश्यकता नहीं रह गई है। 100 में से 64 सीटों पर कब्जा होने के बाद योगी सरकार अब दोनों सदनों से किसी भी कानून को आसानी से पारित करा सकती है।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में हाहाकार का सामना कर रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। पहले चाचा शिवपाल यादव और फिर आजम खान के खेमे की ओर से नाराजगी जाहिर किए जाने के बाद अब सपा अध्यक्ष के खिलाफ विरोध के सुर तेज हो सकते हैं।
समाजवादी पार्टी का पश्चिम से पूरब तक सूपड़ा साफ हो गया है। खास बात यह है कि सपा के सबसे बड़े गढ़ इटावा-फर्रुखाबाद में भी साइकिल पंक्चर हो गई है। दूसरी तरफ भाजपा को भी वाराणसी में करारी हार का सामना करना पड़ा है। यह बात सही है कि पिछले 24 साल से बृजेश सिंह एमएलसी चुनाव में यह सीट जीतते आ रहे हैं, लेकिन भाजपा यहां सपा से भी पिछड़ गई है। इससे भाजपा की कुछ चिंता जरूर बढ़ सकती है।
लोकसभा चुनाव के नतीजों पर असर : विधानसभा चुनाव और विधान परिषद चुनाव के बाद अब सभी दल 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस चुनाव का लोकसभा चुनाव पर कोई सीधा असर तो नहीं होगा, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसकी भूमिका जरूर होगी। चूंकि इस चुनाव में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वोट डाला था और ताजा नतीजों ने उन पर भाजपा की पकड़ को साबित किया है, ऐसे में 2024 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का मनोबल बढ़ेगा तो वहीं सपा को अपने काडर की निराशा दूर करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

Related Posts

‘हथौड़ा लेकर तोड़ने…’, अखिलेश ने लोकसभा में उठाया जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा
  • TN15TN15
  • July 28, 2026

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा…

Continue reading
लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन  
  • TN15TN15
  • July 27, 2026

लोकसभा में सोमवार को पेपर लीक पर रोक…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

संयुक्त किसान मोर्चे ने राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए अहम फैसले

  • By TN15
  • July 28, 2026
संयुक्त किसान मोर्चे ने राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए अहम फैसले

सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर रिलीज, बंटवारे के सबसे दर्दनाक दौर की झलक देख दहल जाएगा दिल

  • By TN15
  • July 28, 2026
सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर रिलीज, बंटवारे के सबसे दर्दनाक दौर की झलक देख दहल जाएगा दिल

‘हथौड़ा लेकर तोड़ने…’, अखिलेश ने लोकसभा में उठाया जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा

  • By TN15
  • July 28, 2026
‘हथौड़ा लेकर तोड़ने…’, अखिलेश ने लोकसभा में उठाया जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा

दिल्ली-NCR में भारी बारिश, नोएडा सेक्टर 16 मेट्रो के पास डिवाइडर गिरा!

  • By TN15
  • July 28, 2026
दिल्ली-NCR में भारी बारिश, नोएडा सेक्टर 16 मेट्रो के पास डिवाइडर गिरा!

रिहा होंगे गिरफ्तार किए गए सभी विद्यार्थी!

  • By TN15
  • July 28, 2026
रिहा होंगे गिरफ्तार किए गए सभी विद्यार्थी!

प्रेमचंद और हमारा समय : केरल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में परिचर्चा का आयोजन

  • By TN15
  • July 28, 2026
प्रेमचंद और हमारा समय : केरल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में परिचर्चा का आयोजन