क्या प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर नहीं लागू होती कोरोना गाइडलाइन?

चरण सिंह राजपूत
नई दिल्ली/लखनऊ।  गजब स्थिति है देश में। जिन लोगों ने कोरोना का भय दिखाकर स्कूल बंद करा दिये हैं। काम धंधे चौपट कर रखे हैं। लोगों का रोजगार छीन लिया है। जो लोग रोज-रोज लोगों को कोरोना का भय दिखाकर बिन मौत के मर जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जिन लोगों ने कोरोना को लेकर कार्यालयों में आधे स्टाफ के काम करने की अनुमति दे रखी है। बिना मास्क के न किसी सरकारी आफिस में अनुमति है और न ही किसी अस्पताल में। जो लोग बिना मास्क के चालान कटवा रहे हैं। वे ही लोग सार्वजनिक स्थल पर बिना मास्क के दिखाई देते हैं। वह भी भीड़भाड़ वाली जगहों पर। बात हो रही है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की। क्या कोरोना गाइडलाइन देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर लागू नहीं होती है। गत दिनों जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में मेट्रो का उद्घाटन किया तो बिना मास्क के मेट्रो में सफर करते नजर आये। उनके इस तरह से बिना मास्क के मेट्रो का सफर करने की काफी आलोचना हुई पर उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। इससे पहले भी वह चुनावी रैली में बिना मास्क के संबोधित करते नजर आते रहे हैं। अब  जब उत्तर प्रदेश चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह के कैराना में पचेर्े बांटने की खबरें बहुत चर्चित हो रही हैं। पर शासन प्रशासन इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा है कि गृहमंत्री पर्चे बांटते समय मास्क नहीं लगा रहे हैं। भाई देश के गृहमंत्री हैं कौन टोकेगा ? मतलब देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री लोगों के लिए कोरोना की गाइडलाइन लागू करवा सकते हैं पर यह खुद इस गाइडलाइन का पालन नहीं करेंगे। जरा जरा सी बात पर मामला दर्ज कराना वाला चुनाव आयोग क्या कर रहा है ? क्या देश प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को कोरोना नहीं हो सकता है ? तो क्या यह माना जाए ये लोग कोरोना का भय दिखाकर लोगों का बेवकूफ बना रहे हैं। एक बार उनकी लापरवाही मान भी ले तो क्या इससे प्रेरित होकर दूसरे लोग मास्क लगाना नहीं छोड़ देंगे। या फिर जब पुलिस टोकेगी तो प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का हवाला देकर पुलिस से नहीं भिड़ेंगे।
इसे देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि जिन दो लोगों प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को देश की सबसे अधिक चिंता करनी चाहिए। उनका अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही के प्रति ठेंगा दिखाना वाला रवैया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री का बिना मास्क के पर्चा बांटने से एक नकारात्मत संदेश जा रहा है। ऐसा नहीं है कि अमित शाह पहली बार बिना मास्क के दिखाई दिये हों। जब मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हुअ तभी भी वह बिना मास्क के दिखाई दिये थे।

Related Posts

बाजार की लूट बंद करो, चीनी की कीमत नियंत्रित करो : SKM

एसकेएम मांग करता है कि चीनी मिल उद्योग…

Continue reading
किस बैंक में है पीएम मोदी का खाता, कहां है वह ब्रांच?

PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 17…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

न हम सिर झुकाएंगे, न ही हार मानेंगे, ममता बनर्जी ने राहुल-केजरीवाल का जिक्र कर INDIA गठबंधन को दिया समर्थन

न हम सिर झुकाएंगे, न ही हार मानेंगे, ममता बनर्जी ने राहुल-केजरीवाल का जिक्र कर INDIA गठबंधन को दिया समर्थन

Bihar floods : BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने दान में दिए ₹6.35 लाख, बिहार में बाढ़ राहत के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 3 महीने की सैलरी दी

Bihar floods : BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने दान में दिए ₹6.35 लाख, बिहार में बाढ़ राहत के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 3 महीने की सैलरी दी

सपा में दो पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा, एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

सपा में दो पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा, एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार में BJP नेता की हत्या, अभिजीत सिंह को घर में मारी गई गोली

बिहार में BJP नेता की हत्या, अभिजीत सिंह को घर में मारी गई गोली

नंदीग्राम से ममता बनर्जी की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन, CM शुभेंदु ने कर दिया खेल

नंदीग्राम से ममता बनर्जी की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन, CM शुभेंदु ने कर दिया खेल

JDU में खेला होगा? नीतीश कुमार की बैठक में नहीं पहुंचे ललन सिंह

JDU में खेला होगा? नीतीश कुमार की बैठक में नहीं पहुंचे ललन सिंह