डीआईसी इंडिया लिमिटेड, प्लॉट नं. C-55, फेस-2, नोएडा में प्रबंधन द्वारा श्रम कानूनों के घोर उल्लंघन के विरोध में आज उप श्रमायुक्त कार्यालय, जी-25 ए, सेक्टर-3, नोएडा पर दर्जनों श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। केमिकल उद्योग कामगार यूनियन (सम्बद्ध सीटू) की शिकायत पर कार्यालय उप श्रम आयुक्त ने पत्रांक 9624-36/पी०ओ०आई०आर०/2026 दिनांक 14.07.2026 द्वारा प्रबंधन को तलब कर दिनांक 22.07.2026 से सुलह वार्ता शुरू कराई है। अगली वार्ता सहायक श्रमायुक्त डॉ. एस.पी. सिंह के समक्ष 27 अगस्त 2026 को नियत है। लेकिन प्रबंधन हर वार्ता में केवल खानापूर्ति कर रहा है।
सीटू जिला सचिव कॉमरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि संस्थान में हो रहे उल्लंघन इस प्रकार हैं –
1. 6 स्थायी श्रमिकों की गैरकानूनी छंटनी: अंकित कुमार (NM000392), आसिफ अली (NM000393), सोमनाथ राय (NM000390), आतिश कुमार सिंह (NM000389), देवेंद्र सिंह (NM000387) और अर्जीत कुमार सिंह (NM000391) को दिनांक 29.06.2026 को मौखिक रूप से और 30.06.2026 को गेट पर ही अवैध रूप से रोक दिया गया। यह औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 25-F का सीधा उल्लंघन है। बिना एक माह की पूर्व सूचना, बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति और बिना किसी जांच के सेवा मुक्त कर दिया गया।
2. फुल एंड फाइनल में धोखाधड़ी: श्रमिकों से बिना पढ़े-समझे कागजों पर हस्ताक्षर करवाने का दबाव बनाया गया और बैंक खातों में भेजी गई राशि (1,36,169 से 2,81,339 रुपये) और स्पीड पोस्ट से भेजे गए कागजों में दर्शाई गई राशि में 30-40 हजार रुपये का भारी अंतर है, जो अनुचित श्रम व्यवहार है।
3. यूनियन का दमन: पंजीकृत यूनियन के महामंत्री सुनील कुमार को झूठे आरोपों में पिछले 2 साल से निलंबित कर रखा है और पंजीकृत कार्यकारिणी को मान्यता नहीं दी जा रही है।
4. स्थायीकरण पर रोक: वर्षों से कार्यरत दर्जनों श्रमिकों को आज तक स्थायी नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के बाद श्रमिकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि 27 अगस्त 2026 की वार्ता में सम्मानजनक समझौता नहीं हुआ तो नौकरी से निकाले गए श्रमिक अपने परिवारों सहित कंपनी गेट पर दिन-रात अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे और अंदर कार्यरत शेष श्रमिक काली पट्टी बांधकर उत्पादन करेंगे। यदि फिर भी समाधान नहीं हुआ तो सीटू संस्थान स्तर पर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शन को सीटू जिलाध्यक्ष कॉमरेड मुकेश कुमार राघव, महासचिव कॉमरेड राम स्वारथ आदि ने संबोधित किया।







