किसी धर्म के प्रति भक्ति को देशभक्ति नहीं कह सकते 

चरण सिंह 
बीजेपी बाबा साहेब की जयंती और पुण्यतिथि तो मनाती है पर उनके विचारों को आत्मसात करने से बचती है। बाबा साहेब ने कहा था कि मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। बीजेपी धर्म की परिभाषा हिन्दू बताती है। क्या किसी धर्म के प्रति भक्ति को देशभक्ति कहा जा सकता है ? नहीं न। देशभक्ति और देश के प्रति भक्ति को कहा जाएगा। देखने में आता है कि बीजेपी लोकतंत्र की बात कम करती है और राजतंत्र की ज्यादा।यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले बोला कि बंटेंगे तो कटेंगे। अब बांग्लादेश के हालात पर बोल रहे हैं कि अयोध्या और संभल में मुग़ल शासक बाबर की सेना ने जो किया वह आज बांग्लादेश में हो रहा है। बीजेपी की एक बात समझ में नहीं आती कि यदि आज उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री हैं तो देश के आजाद होने पर हैं। देश तब आज़ाद हुआ जब सभी धर्मों और जातियों के लोगों ने आज़ादी की लड़ाई में भाग लिया। इसमें दो राय नहीं कि देश में अधिकतर मुसलमान कन्वर्ट हैं। ऐसे में बीजेपी का प्रयास तो यह होना चाहिए कि जो मुसलमान अपने पुराने स्वरूप में आता है तो उन्हें अलग से कुछ सुविधाएं दी जाएंगी।
यह बात समझने की जरूरत है कि देश में राणा चौधरी, त्यागी और अन्य हिन्दुओं के सर नेम काफी मुसलमान लिखते हैं। मतलब इनके पूर्वज कभी हिन्दू थे। देखने में आता है कि कितने कनवर्ट मुसलमान हिंदू बनने को तैयार हैं पर उनका कहना है कि हिन्दू बनने पर हिन्दू उनसे बेटी और रोटी का रिश्ता नहीं रखना चाहते हैं। जब आरएसएस मुखिया मोहन भागवत हिन्दू मुसलमान का डीएनए एक ही बताते हैं तो फिर मुसलमानों को अपनाने में दिक्कत क्या है ? ऐसी व्यवस्था करें कि जो मुसलमान अपने पुराने रीति रिवाज में लौटना चाहता है उसे अपनाओ।  हमें  पड़ौसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, लीबिया, श्रीलंका, इराक, ईरान, इस्राइल जैसे देशों से सीख लें कि आज उनकी कट्टरता उन्हें कहां ले गई है। भारत के लोकत्रंत की खूबसूरती की वजह ही यह है कि विभिन्न भाषाओं, विभिन्न जातियों, विभिन्न धर्मों में बंटे होने के बावजूद हम एक हैं। अनेकता में एकता ही हमारी ताकत रही है और यह हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई की एकता ही रही है कि हमने आज़ादी हासिल की। हमारा धर्म भारतीयता होना चाहिए। किसी धर्म के प्रति भक्ति को देशभक्ति नहीं कह सकते हैं। हमें वह काम करना चाहिए कि जिससे देश और समाज मजबूत हो। देश भक्ति हर जाति और धर्म को साथ लेकर देश के लिए काम करने से जगती है।

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