नियुक्ति के लिए अनशन पर बैठेंगे मृतक आश्रित

 2 दिसंबर से डॉ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय में आमरण अनशन शुरू करेंगे

पूसा/समस्तीपुर। अनुकंपा पर नियुक्ति न मिलने से परेशान दर्जनों मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने 2 दिसंबर 2024 से डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन का नेतृत्व मृतक कर्मचारी विनोद राय की विधवा चिंता देवी और अन्य मृतक कर्मचारियों के आश्रित करेंगे, जिसमें मिथिलेश कुमार, मीरा देवी, आशा देवी, रविन देवी, सोनम कुमारी और सुमित्रा देवी भी शामिल हैं।

अभ्यर्थियों ने पूर्व में तमाम वरीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजे हैं और बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पूर्व में विश्वविद्यालय प्रशासन ने 4 महीनों के भीतर नियुक्ति का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन केवल आश्वासन से थके अभ्यर्थी अब मजबूरी में अनशन का सहारा ले रहे हैं।

अभ्यर्थी मिथिलेश कुमार, जिनके पिता स्वर्गीय विनोद कुमार राय 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे और इसी दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी, ने बताया कि उन्होंने 12 फरवरी 2021 को अनुकंपा पर नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था। लगातार प्रयास और अनशन के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई, और परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है।

अभ्यर्थियों ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषिमंत्री, जिलाधिकारी, अनुमंडल अधिकारी, और अन्य विभागों को भी ज्ञापन भेजकर सहायता की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवारों ने सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से उनके आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

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