कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने सहयोगी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के जेल में होने पर भावुक होते हुए कहा कि उनकी आंखों में आंसू डर की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए हैं क्योंकि सौरव और आशु उनके भाई हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से घर जाने की अपील भी की है।
सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर लाइव आए दीपके ने कहा- हमारे अंदर नफरत न भरे, केवल प्यार हो, इसके लिए जरूरी है कि हम अपने परिवार के आसपास रहें। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप सब अपने परिवार के पास वापस जाएं और उनका ख्याल रखें। हम उनके लिए लड़ रहे हैं जो हमें जानते भी नहीं. महात्मा गांधी ने भी यही सिखाया है कि अनजानों को भी जरूरत हो तो उनके लिए लड़ाई लड़ो।
उन्होंने कहा, ‘भावुकता को कमजोरी समझना आपकी आदत होगी, लेकिन यह सेंटिमेंट हमारी ताकत है। हम पीछे नहीं हटेंगे। जब सौरव और आशु बाहर निकलेंगे, तो उसी मुस्कान के साथ बाहर निकलेंगे और महात्मा गांधी की राह पर चलेंगे। उन्हें परेशान किया जा रहा है, फिर भी वे मुस्कुराते हुए जेल जा रहे हैं और कोर्ट में आ रहे हैं। आप उनके अंदर नफरत पैदा नहीं कर पाएंगे. हमें अपने भीतर प्यार और करुणा कम नहीं होने देनी है, क्योंकि जिस दिन हमारा प्रेम कम हो गया, उस दिन उन लोगों की जीत हो जाएगी, जो हमें डरा कर चुप कराना चाहते हैं।
परिवार के साथ त्योहार मनाएं लेकिन…
दीपके ने प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि – आने वाले त्योहारों पर अपने परिवार के साथ रहें और उनका ध्यान रखें, लेकिन सौरव और आशु को भी याद करते रहें, क्योंकि वे इन त्योहारों पर अपने परिवार के साथ नहीं होंगे. फेस्टिवल अच्छे से मनाओ .
सीजेपी संस्थापक ने कहा कि मैं सौरव और आशु को बहुत मिस कर रहा हूं. हमारा एक व्हाट्सएप ग्रुप है जिसमें हम तीनों एक दूसरे को मीम्स भेजा करते हैं। दीपके ने कहा कि सौरव और आशु के साथ जो हो रहा है, उससे सभी को दिक्कत हो रही है. मुझे भी हो रही है. लेकिन यह बात हमें याद रखनी होगी कि जिनसे हम नफरत करते हैं, हमें उनकी तरह नहीं बनना है. वो हमें इसलिए परेशान कर रहे हैं ताकि हमें प्रोवोक कर सकें और हम कोई गलत कदम उठाएं लेकिन ऐसा नहीं होगा. हमें अहिंसा और प्रेम का रास्ता नहीं छोड़ना है।
मामला क्राइम ब्रांच को गया…
बता दें दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के तुरंत बाद उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश के मामले को सोमवार को अपनी अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया. पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223ए (लोक सेवक द्वारा विधिवत लागू आदेश की अवहेलना), 332 (अपराध करने के लिए अनधिकृत प्रवेश) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
संसद मार्ग थाने में बीएनएस की धारा 221 (लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 121(1) (लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) और 3(5) (समान मंशा) के तहत एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई थी।







