पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित यह सरकारी बंगला पिछले लगभग 20 सालों से लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी (पूर्व मुख्यमंत्री) का निवास रहा है। इसे अनौपचारिक रूप से “राबड़ी आवास” कहा जाता है।
सरकार का फैसला: नीतीश कुमार सरकार ने भवन निर्माण विभाग के माध्यम से विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष (राबड़ी देवी) के लिए नया आवास आवंटित किया है। पटना के 39 हार्डिंग रोड पर। यह नया घर पुराने से बड़ा है। पुराना बंगला अब विधान परिषद के नए नेता प्रतिपक्ष के लिए आरक्षित किया गया है।
आरजेडी का आरोप है कि यह फैसला भाजपा का नीतीश पर दबाव है और राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा। सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला नहीं मिल सकता, इसलिए सरकार इसे सख्ती से लागू कर रही है।
सरकार का फैसला: नीतीश कुमार सरकार ने भवन निर्माण विभाग के माध्यम से विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष (राबड़ी देवी) के लिए नया आवास आवंटित किया है। पटना के 39 हार्डिंग रोड पर। यह नया घर पुराने से बड़ा है। पुराना बंगला अब विधान परिषद के नए नेता प्रतिपक्ष के लिए आरक्षित किया गया है।
आरजेडी का आरोप है कि यह फैसला भाजपा का नीतीश पर दबाव है और राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा। सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला नहीं मिल सकता, इसलिए सरकार इसे सख्ती से लागू कर रही है।
प्रमुख बयान
आरजेडी का रुख: पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने साफ कहा, “राबड़ी आवास किसी भी हालत में खाली नहीं किया जाएगा।” उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जो करना है करें, लेकिन डेरा नहीं हटेगा। आरजेडी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और इसे “गुंडागर्दी” बताते हुए विरोध जता रहे हैं। पार्टी अदालत जाने की तैयारी में है।
सम्राट चौधरी का जवाब: बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने आरजेडी की धमकी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं है, इसकी मालिक जनता है।” सम्राट ने जोर देकर कहा कि लालू परिवार से उनका व्यक्तिगत झगड़ा नहीं, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला दिया, जो पूर्व सीएम को बंगला देने से रोकते हैं। उन्होंने आरजेडी को “अराजकता और गुंडागर्दी” का दोषी ठहराया और कहा कि बिहार में “सुशासन का राज” चलेगा, न कि व्यक्तिगत ड्रामा।
अन्य नेता: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कहा कि बंगला खाली करना ही होगा, वरना पुलिस कार्रवाई होगी। उन्होंने लालू परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि अन्य पूर्व नेता जैसे आडवाणी या जोशी के बंगलों को क्यों निशाना नहीं बनाया जाता—यह आरजेडी का बहाना है।
सम्राट चौधरी का जवाब: बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने आरजेडी की धमकी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं है, इसकी मालिक जनता है।” सम्राट ने जोर देकर कहा कि लालू परिवार से उनका व्यक्तिगत झगड़ा नहीं, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला दिया, जो पूर्व सीएम को बंगला देने से रोकते हैं। उन्होंने आरजेडी को “अराजकता और गुंडागर्दी” का दोषी ठहराया और कहा कि बिहार में “सुशासन का राज” चलेगा, न कि व्यक्तिगत ड्रामा।
अन्य नेता: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी कहा कि बंगला खाली करना ही होगा, वरना पुलिस कार्रवाई होगी। उन्होंने लालू परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि अन्य पूर्व नेता जैसे आडवाणी या जोशी के बंगलों को क्यों निशाना नहीं बनाया जाता—यह आरजेडी का बहाना है।
आगे क्या?
सरकार की योजना: कोई नरमी नहीं; कानूनी प्रक्रिया का पालन होगा। अगर आरजेडी न माने, तो पुलिस या अदालती कार्रवाई संभव है। नया आवास पहले से आवंटित हो चुका है, इसलिए सरकार इसे “सम्मानजनक” कदम बता रही है।
राजनीतिक प्रभाव: यह विवाद बिहार विधानसभा चुनावों से पहले NDA (नीतीश-भाजपा) और महागठबंधन (आरजेडी) के बीच तनाव बढ़ा सकता है। आरजेडी इसे “लालू परिवार पर हमला” बताकर समर्थन जुटा रही है।
राजनीतिक प्रभाव: यह विवाद बिहार विधानसभा चुनावों से पहले NDA (नीतीश-भाजपा) और महागठबंधन (आरजेडी) के बीच तनाव बढ़ा सकता है। आरजेडी इसे “लालू परिवार पर हमला” बताकर समर्थन जुटा रही है।








