पश्चिम चंपारण/बेतिया। आत्मा योजना अंतर्गत संविदा पर कार्यरत प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक मानदेय वृद्धि के लिए काला पट्टी बांधकर किया कार्य। जिला कृषि पदाधिकारी को दिया अपना मांग पत्र। आत्मा योजना में संविदा पर कार्य कर रहे संजय कुमार ने कहा कि कृषि विभाग के तकनीक एवं तकनीकी के प्रचार-प्रसार के मुख्य साधन हैं। आत्मा योजना के साथ साथ सभी विभागीय और गैर विभागीय तकनीकी कार्य जैसे- किसानों को प्रशिक्षण देना, किसानों को परिभ्रमण करवाना, किसान गोष्ठी का आयोजन करना, किसान मेला का आयोजन करना, यांत्रीकरण मेला का आयोजन करना, स्वी एवं खरीफ महाभियान के तहत किसानों को प्रशिक्षित करना, किसान चौपाल का आयोजन करना, किसानों को नए एवं आधुनिक तकनीक की जानकारी देना, किसानों के साथ सीधा संवाद करना, बीज वितरण करना, मिटी नमूना संग्रह एवं जाँच करना, पौधा संरक्षण पाठशाला का संचालन करना, डिजिटल क्रॉप सर्वे करना, फसल कटनी प्रयोगकर्ता का कार्य करना, उद्यान योजना, कृषि यांत्रीकरण योजना, प्रधान मंत्री सम्मान निधि योजना, डीजल अनुदान योजना, फसल सहायता योजना, फार्मर रजिस्ट्री योजना इत्यादि सभी योजनओं एवं सम्बंधित विभागों से किसानों को लाभान्वित करवाने का कार्य कृषि समन्यवयक, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों के अतिरिक्त प्रभार में करते आ रहे हैं। वही डॉ अखिलेश शर्मा ने कहा की सभी चुनाव कार्य, लॉ एंड आर्डर ड्यूटी, आपदा के समय ड्यूटी, राशन कार्ड वितरण कार्य, राजस्व अभियान कार्य के साथ-साथ अन्य सभी प्रशासनिक व गैर प्रशासनिक कार्य में जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक प्रतिनियुक्त कर कार्य करते हैं। इस दौरान बिट्टू कुमार ने कहा कि शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव एवं वरीयता के आधार पर हमारे पांच मुख्य मांगों को सरकार पूरा करे। 1. मानदेय का पुनरीक्षण एवं वृद्धि – वर्तमान मानदेय | बीटीएम ₹30000 एवं एटीएम ₹25000 अत्यंत अल्प है। यह आज के बाजार दर और हमारे शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप बिलकुल भी नहीं है।
सभी को नई दिल्ली, भारत सरकार द्वारा प्रोफेशनल डिग्री धारक का मान्यता प्राप्त है, उसी अनुरूप हमारा मानदेय संशोधित कर बढ़ाया जाए। पूर्व की भांति 10% कंपाउंड वार्षिक वृद्धि को यथावत रखा जाए, वर्तमान समय में राज्य सरकार द्वारा सभी विभागों के अंतर्गत संविदा कर्मियों के मानदेय को पुनरीक्षित किया गया है, लेकिन हम सभी का मानदेय कार्यालय परिचारी और चालक सहित हमसे निम्न शैक्षणिक योग्यता वाले के मानदेय से भी कम है।, अपने हीं कृषि विभाग में इंटर स्तरीय किसान सलाहकार जो कि संविदा पर भी कार्यरत नहीं हैं, उनका भी मानदेय हम सभी ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट वाले के लगभग बराबर कर दिया गया है। लेकिन हमारा नहीं बढ़ाया गया है। 2. सेवा का नियमितीकरण / नए सृजित पदों पर अवशोषन अथवा समायोजन उप परियोजना निदेशक, आत्मा (संविदा पद) के तरह भी उचित स्केल पर स्थायी किया जाए। अन्य राज्यों की तरह बीटीएम एवं एटीएम को कृषि विभाग अंतर्गत नव गठित निदेशालयों के सृजित पदों पर वरीयता एवं अनुभव के आधार पर अवशोषित अथवा समायोजित किया जाए ताकि हमलोग भी संविदा से बाहर निकलकर अपने कैरियर का विकास कर सकें।
3. कार्य अनुभव की अधिमानता 2015 के कृषि समन्वयक के बहाली में बीटीएम एवं एटीएम के सेवा अवधि और अनुभव के आधार पर अधिमानता दी गई थी, लेकिन वर्तमान में हुई नियुक्तियों में इसे नजर अंदाज कर दिया गया। बीटीएम एवं एटीएम को सेवा अवधि और अनुभव का अधिमानता पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार की नियुक्तियों (बिहार तकनीकी सेवा आयोग, विज्ञापन संख्या 02/2021 एवं 02/2022) में दी गई। वही लाभ कृषि विभाग की नियुक्तियों में भी दिया जाए। 4.कृषि विभाग की सभी योजनओं को सँभालने के बावजूद हमारे योगदान को औपचारिक रूप से ना तो मान्यता दी जाती है और ना समीक्षा की जाती है।








