कांग्रेस आलाकमान ने नहीं सुनी बात , कांग्रेस विधायकों की बगावत

इन दिनों हिमाचल की राजनीति में कुछ अलग बदलाव देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार पर इस समय खतरे की घंटी बज रही है। राज्यसभा चुनाव में पार्टी के 6 विधयाकों के क्रॉस वोटिंग के बाद जहा एक तरफ पार्टी उमीदवार अभिषेक मनु सिंधवी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा तो दूसरी तरफ कांग्रेस की सुक्खू सरकार गिरने की अटकले तेज हो गयी है। वहीं बात करे तो तीन निर्दलीय और कांग्रेस के 6 विधायकों ने सरकार का साथ छोड़ दिया है। और बात करे शरुआत से बागी तेवर दिखा रहे कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा ने बताया कि आखिरकार उन्हें इस तरह का फैसला क्यों लेना पड़ा। सुक्खू सरकार से नाराज सुधीर का कहना है उन्होंने अपनी बात को केंद्र से लेकर राज्य तक रखा पर किसी ने भी उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते उन्होंने यह फैसला लिया सुधीर का कहना था की किसी भी चीज की हद होती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सुधीर ने कहा कि दूसरे विधयाको को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कि तरफ से हमे परेशान किया जा रहा था . उन्होंने आरोप लगाया कि की कांग्रेस जनप्रितिनिधि को अपने क्षेत्र में काम नहीं करने दिया जा रहा था। उन्होंने कई बार इसको लेकर कांग्रेस के बड़े लीडर से बातचीत भी की पर उसका भी कोई खास असर नहीं पड़ा। जिसके चलते उनको ऐसा कदम उठाना पड़ा। उनका कहना था की कांग्रेस के सभी नेताओं को घुटन सी महसूस होती थी। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बोला की ऐसे काफी मुद्दे थे जब
उन्होंने उसके लिए काफी बार बात करने का प्रयास किया पर उसका भी कोई असर देखने को नहीं मिला। जब उनसे आगे के बारे में जानने की कोशिश कि तो पता चला कि बागी गुट के नेता मौजूदा सरकार के खिलाफ आने वाले दिनों में आगे का फैसला करेंगे। और सुधीर शर्मा ने ये पिछले सप्ताह ये दावा किया था कि उनके जान को खतरा है साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें एक नेता ने 4 करोड़ रूपए का ऑफर किए थे। वर्ष 2012 से 2017 तक सुधीर शर्मा वीरभद्र सिंह की सरकार में मंत्री थे लेकिन सुक्खू सरकार कि कैबिनेट में उन्हें जगह न मिलने पर वह नाराज हो गए थे जिसके बाद उन्हें राजेंदर राणा का साथ मिला जिसके चलते बाद में उन दोनों ने अपनी सर्कार के खिलाफ काफी प्रदर्शन किये। पिछले बार भी इनके खिलाफ पुलिस में फिर करा दी गयी थी जिसके बाद सेव् इनके ऊपर नजर राखी जा रही है

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