जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ में कटौती का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने इस पर कुछ सवाल भी उठाए हैं, खासकर रूस से तेल खरीदने के मुद्दे को लेकर।
3 फरवरी 2026 को जम्मू में मीडिया से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ (जो पहले 25% या इससे अधिक थे, कुछ मामलों में 50% तक) भारतीय निर्यातकों के लिए बहुत भारी पड़ रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये टैरिफ इसलिए लगाए गए थे क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के रूस से तेल आयात से नाखुश थे।
ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की है कि भारत ने अब रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, जिसके कारण टैरिफ घटाकर 18% कर दिए गए हैं (और कुछ अतिरिक्त शुल्क हटा दिए गए हैं)। उमर अब्दुल्ला ने इस पर कहा कि भारत सरकार की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अगर सच में रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया गया है, तो यह अच्छी बात है।
हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया: “अगर हमने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो अब तेल कहाँ से खरीदेंगे?” (If we have stopped buying oil from Russia, then where will we buy oil from now?)
यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संदर्भ में आया है, जहाँ ट्रंप ने दावा किया कि पीएम मोदी ने रूस से तेल आयात रोकने का वादा किया है, जिससे टैरिफ में राहत मिली। उमर अब्दुल्ला ने इसे निर्यातकों के लिए राहत बताया, लेकिन रूस से तेल पर निर्भरता और विकल्पों को लेकर संदेह जताया। यह मुद्दा हाल के महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में प्रमुख रहा है, जहाँ ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल आयात को यूक्रेन युद्ध से जोड़कर भारत पर दबाव बनाया था।







