चिराग पासवान की पार्टी फिर से टूटने वाली है, बीजेपी करेगी खेला?

 खलबली पैदा करने वाला चाचा का जवाब!

पटना/वैशाली। राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी (RLJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने कहा है कि लोकसभा चुनाव हुआ, तब हमारे पांच सांसद थे। बिना कुछ कहे हुए पांच सासंदों की पार्टी को एनडीए में कोई टिकट नहीं दिया गया। उस वक्त थोड़ी नाराजगी हुई थी, लेकिन हम लोगों ने व्यक्तिगत हित को माइनस किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना। देश की पुकार थी कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तीसरी बार सरकार बने। इसके बाद कार्यकर्ता सम्मेलन में एनडीए उम्मीदवार को सपोर्ट करने का फैसला लिया। इसी बीच बीजेपी के नये प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल हमारे घर पर आए, उनसे मेरा पुराना रिश्ता रहा है। हमारी घंटो बात हुई। फिर दिल्ली में मैंने अमित शाह से समय मांगा जो मिल गया, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज और मैं उनसे मिलने पहुंचे। अमित शाह से बहुत अच्छी बात हुई।
पशुपति पारस ने कहा कि अमित शाह से मुलाकात के दौरान 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की रूपरेखा पर बात हुई। किस ढंग से बिहार में एनडीए गठबंधन काम करे इसपर बात हुई। कितने सीटों पर बिहार विधानसभा चुनाव में आरएलजेपी लड़ेगी इस संबंध में अमित शाह से कोई बातचीत नहीं हुई। गृहमंत्री जी ने ये जरूर आश्वासन दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव में आपकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आप ईमानदार सहयोगी हैं। हम संगठनकर्ता रहे हैं, इसलिए मेरा लाभ एनडीए गठबंधन को मिलते रहना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि चिराग पासवान कहते हैं कि आरएलजेपी एनडीए गठबंधन का हिस्सा ही नहीं है। इसपर पशुपति ने कहा कि जो बात बीत गई है उसकी चर्चा ना करें। उनका दल अलग है, मेरा दल अलग है। उनकी सोच अलग है। पशुपति पारस से जब पूछा गया कि क्या चिराग पासवान की पार्टी में फिर से टूट होने वाली है? इसपर उन्होंने कहा कि मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। ये तमाम प्रेस और मीडिया के लोगों को मालूम है कि उनकी पार्टी के अंदर क्या हालात हैं, सबको मालूम है। जब उनसे पूछा गया कि आरजेडी के विधायक मुकेश रौशन लगातार कह रहे हैं कि चिराग पासवान की पार्टी के तीन सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं। इसपर पशुपति पारस ने कहा कि क्या स्थिति परिस्थिति है सबको मालूम है। क्या होने वाला है, तमाम मीडिया को पता है। इस संबंध में हमसे ज्यादा मत कुछ कहवाइए तो ज्यादा अच्छा होगा। आप लोग पता कीजिए क्या सही है, क्या गलत है। अपने बारे में कहूंगा कि मैं एनडीए में पहले भी था, हूं, और आगे भी रहूंगा।

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