ईरान-इजरायल युद्ध के बीच चीन ने इजरायल पर नाराजगी जताई है। यदि इजरायल के हमले इसी तरह से जारी रहे तो ईरान के पक्ष में चीन खड़ा हो सकता है। चीन ने इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों की निंदा ऐसे ही नहीं की हिअ। ऐसे ही इसे ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन नहीं बताया है। चीन का कारोबार प्रभावित हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत फू कांग ने कहा कि इजरायल को अपनी सैन्य कार्रवाइयां तुरंत रोकनी चाहिए, क्योंकि इनसे मध्य पूर्व में तनाव और अस्थिरता बढ़ रही है। चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की वकालत की है।
देखने की बात यह है कि चीन की यह प्रतिक्रिया उसके ईरान के साथ गहरे आर्थिक और रणनीतिक संबंधों से भी जुड़ी है। खासकर ऊर्जा क्षेत्र में, जहां ईरान चीन को कच्चे तेल की बड़ी मात्रा में आपूर्ति करता है। इजरायल के हमलों से ईरान के तेल और गैस ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिससे चीन की तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है, जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक हो सकता है।







