नई सुरक्षा नीति के साथ पाकिस्तान में नजर आए बदलाव, भारत के साथ शांति कायम करने पर दिया जोर

द न्यूज़ 15
नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 14 जनवरी को देश की पहली राष्ट्रीय सुरक्षा नीति (एनएसपी) का अनावरण किया, जो कथित तौर पर अपने नागरिकों की सुरक्षा पर केंद्रित है।

इसका उद्देश्य भारत के साथ संबंधों सहित 2022 और 2026 के बीच देश की सुरक्षा प्राथमिकताओं को परिभाषित करना है।

सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाग द्वारा तैयार किया गया, एनएसपी का मूल 100-पृष्ठ का संस्करण (वर्जन) एक वगीर्कृत दस्तावेज (क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट) बना हुआ है। लेकिन एक छोटा सार्वजनिक संस्करण – 62-पृष्ठ का दस्तावेज – मानव सुरक्षा, भू-अर्थशास्त्र, क्षेत्रीय संपर्क, समृद्धि, व्यापार और निवेश पर जोर देता है।

इसमें कई ऐसी चीजें शामिल हैं जो कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान की ओर से नई सोच का आभास देती हैं। तथ्य की बात की जाए तो, नीति मार्च 2021 में इस्लामाबाद सुरक्षा संवाद में सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के भाषण का एक विस्तारित रूप प्रतीत होता है, जहां उन्होंने इसी तरह के विषयों पर अपने विचार प्रकट किए थे।

भारत के साथ शांति कायम करने पर एनएसपी का जोर विशेष महत्व रखता है। इसमें उल्लेख है कि पाकिस्तान, देश और विदेश में शांति की अपनी नीति के तहत, भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहता है।

दुर्भाग्य से, इसमें ज्यादा बदलाव नजर तो नहीं आता है।

जम्मू और कश्मीर में, फरवरी 2021 के युद्धविराम समझौते के कुछ महीनों के बाद, पीओके स्थित आतंकवादी समूहों ने हाल ही में नियंत्रण रेखा के पार लॉन्च पैड पर इकट्ठा होकर घाटी में घुसपैठ करने का प्रयास करके अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है।

इसके अलावा, घाटी के भीतर द रेसिस्टेंस फ्रंट जैसे नव-निर्मित समूहों ने पाकिस्तानी सेना के सहयोग से कश्मीर के उग्रवाद के लिए एक स्थानीय चेहरा पेश करने और नागरिकों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को लक्षित करके सुरक्षा स्थिति को बाधित करने की मांग की है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एनएसपी का दावा है कि भारत के तत्कालीन राज्य जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के कदम को इस क्षेत्र के लोगों द्वारा कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया गया है।

पाकिस्तान के भीतर, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे भारत विरोधी आतंकवादी समूहों ने अधिकारियों की कोई जवाबी कार्रवाई के बिना अपनी गहरी उपस्थिति बनाए रखी है।

यहां तक कि अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अपनी वार्षिक कंट्री रिपोर्ट्स ऑन टेररिज्म में स्वीकार किया है कि जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर और 2008 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड साजिद मीर पाकिस्तान में खुलेआम काम कर रहा है। अगस्त 2021 में तालिबान द्वारा काबुल के अधिग्रहण के साथ, ये समूह अब अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

कथित तौर पर, मसूद अजहर ने कश्मीर घाटी में संचालन के लिए कथित मदद लेने के लिए मुल्ला अब्दुल गनी बरादर सहित तालिबान नेताओं से मुलाकात की थी।

ये घटनाक्रम आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के निरंतर दोहरेपन को दिखाते हैं।

इसके अलावा पाकिस्तानी सेना के भारत विरोधी रवैये में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। इसलिए, भारत के साथ बेहतर संबंध बनाने के एनएसपी के दावे खोखले लगते हैं।

यदि पाकिस्तान भारत के साथ संबंध सुधारने को लेकर गंभीर नहीं है, तो इस पर एनएसपी के दृष्टिकोण की क्या व्याख्या है?

स्पष्ट रूप से, एनएसपी और इसकी सामग्री या कंटेंट को अंतरस्तरीये दर्शकों के लिए तैयार किया गया है, ताकि यह आभास हो सके कि पाकिस्तान बदल रहा है। इसकी अर्थव्यवस्था घटते विदेशी मुद्रा भंडार, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण लगातार नीचे की ओर जा रही है।

Related Posts

भारत की स्थाई सदस्यता के लिए UN में खड़ा हुआ ये देश, बोला- ‘इंडिया को…’

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की स्थायी सदस्यता…

Continue reading
ईरान की डोनाल्ड ट्रंप को धमकी, दोबारा हमला किया तो हिंद महासागर तक फैल जाएगा युद्ध

तेहरान :  इधर चीन के राष्ट्रपति अमेरिका के…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

ज्ञानेश कुमार के काम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले चुनाव आयुक्तों संधू और जोशी को फंसाने की फ़िराक में केंद्र सरकार!

ज्ञानेश कुमार के काम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले चुनाव आयुक्तों संधू और जोशी को फंसाने की फ़िराक में केंद्र सरकार!

‘प्रधानमंत्री का अपमान करने पर…’, CJP के सौरभ दास हाई कोर्ट के इस फैसले पर हो गए खुश

‘प्रधानमंत्री का अपमान करने पर…’, CJP के सौरभ दास हाई कोर्ट के इस फैसले पर हो गए खुश

भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सशक्त धुरी थीं अहिल्याबाई होलकर : लक्ष्मण प्रसाद आचार्य

भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सशक्त धुरी थीं अहिल्याबाई होलकर : लक्ष्मण प्रसाद आचार्य

 2 मिनट में भारत को दिलाए 2 मेडल, एक तो भाई की राइफल देख शूटिंग में आया

 2 मिनट में भारत को दिलाए 2 मेडल, एक तो भाई की राइफल देख शूटिंग में आया

भारत की स्थाई सदस्यता के लिए UN में खड़ा हुआ ये देश, बोला- ‘इंडिया को…’

भारत की स्थाई सदस्यता के लिए UN में खड़ा हुआ ये देश, बोला- ‘इंडिया को…’

अखिलेश के रायबरेली से रथयात्रा शुरू करने पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने कहा – हम भी कन्नौज-इटावा जाएंगे 

अखिलेश के रायबरेली से रथयात्रा शुरू करने पर भड़की कांग्रेस, अजय राय ने कहा – हम भी कन्नौज-इटावा जाएंगे