यूपी पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सवाल, योगी सरकार से की ये मांग 

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पा रहे हैं, जिसे लेकर आजाद समाज पार्टी के मुखिया और नगीना सीट से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में देरी पर चिंता जताई और समय से चुनाव कराने की मांग की ताकि गांवों के विकास कार्य निरंतर होते रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद ने राज्य में समय से पंचायत चुनाव नहीं हो पाने के लिए राज्य सरकार को ज़िम्मेदार बताया और कहा कि इससे राज्य की जेल इंजन की सरकार के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े हो रहा हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय से चुनाव नहीं हुए तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य रुक सकते हैं। सरकार को जल्द से जल्द ये चुनाव कराने चाहिए। पंचायत चुनाव कराने की मांग
नगीना सांसद ने एक्स पर लिखा- ‘त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है और ग्राम प्रधान जनता के सबसे निकट चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। ऐसे में जब पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है और उत्तर प्रदेश सरकार समय पर चुनाव कराने में असमर्थ है, तो यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है ,जो न केवल संवैधानिक दायित्वों के पालन पर प्रश्न उठाती है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली एनडीए की ‘डबल इंजन’ सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था कानून में मौजूद है, लेकिन इसका उपयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में ही किया जाना चाहिए।

हालाँकि, भाजपा की डबल इंजन सरकार की मंशा शुरू से ही प्रशासक नियुक्त करने की रही है, जिससे अपने समर्थित व्यक्तियों को प्रशासक के रूप में नियुक्त कर लोकतंत्र के तीसरे स्तर पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित किया जा सके। इस संबंध में, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संवैधानिक आरक्षण को अनुच्छेद 243D(6) के अनुसार शीघ्र सुनिश्चित किए जाने हेतु, मेरे द्वारा 6 फरवरी को माननीय पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर जी को पत्र भी लिखा गया था, क्योंकि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा था। ऐसे में यूपी सरकार से हमारी मांग है कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाया जाए, ताकि गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे और जनता का जनादेश सम्मानित हो। बता दें कि उत्तर प्रदेश में 26 मई को पंचायतों को कार्यकाल ख़त्म हो रहा है लेकिन अभी तक राज्य में त्रिस्तरीय चुनाव कराने की घोषणा नहीं हो पाई है, ऐसे में इस साल ये चुनाव टलते हुए नजर आ रहे हैं हालांकि ये मामला अभी हाईकोर्ट में भी चल रहा है लेकिन जितनी देऱी हो चुकी है। उससे ये समय पर हो पाएंगे ये कहना मुश्किल हैं।

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