शंकराचार्य ने प्रयागराज के माघ मेले में प्रशासन से हुए विवाद (जैसे स्नान रोकना, अपमान आदि) के बाद वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि यूपी में गौ-हत्या और गौमांस (बीफ) का निर्यात सबसे ज्यादा हो रहा है, जबकि सरकार राम राज्य की बात करती है।
उनका कथित बयान: “गाय का मांस बेचकर आप राम राज्य की स्थापना करेंगे” या “गाय का मांस बेचकर आप डॉलर से राम राज्य की स्थापना करेंगे”।
उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर 40 दिनों के अंदर गौ माता को राज्य माता घोषित नहीं किया गया, तो सरकार को छद्म हिंदू घोषित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गौमांस को भैंस का मांस बताकर बचाव किया, लेकिन असल में गायों की हत्या और निर्यात जारी है।
यह बयान गौ-रक्षा, हिंदुत्व और सत्ता के दुरुपयोग पर केंद्रित है। उन्होंने योगी पर कालनेमि (राक्षस) जैसा व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
यह विवाद हाल ही में (जनवरी 2026 के आसपास) गरमा गया है, खासकर माघ मेले के दौरान। ABP News, ABP Ganga जैसे चैनलों और वेबसाइटों पर प्रमुखता से कवर किया गया है। X (ट्विटर) पर भी ABP News ने इसे पोस्ट किया है।
कुछ संदर्भों में यह भी उल्लेख है कि अन्य शंकराचार्य (जैसे शारदा पीठ के स्वामी सदानंद सरस्वती) ने भी योगी सरकार की आलोचना की है, लेकिन यह खास बयान अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का है।








