26 जून को पटना में छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्मोत्स्व मना रहा है बसपा
कुर्मी-कोइरी बिरादरी के साथ ही रविदास समाज के नेताओं को भी किया गया आमंत्रित
चरण सिंह
नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने पूरी तैयारी कर ली है। सभी दलों ने चुनावी बिसात पर अपनी अपनी मोहरे सजानी शुरू कर दी हैं। जातिगत आधार पर होने वाले बिहार के चुनाव में 20 साल से नीतीश कुमार राज कर रहे हैं। भले ही बिहार में दलित समाज के कई नेता हों पर दलित वोटबैंक पर नीतीश कुमार की पकड़ ज्यादा बताई जाती है।
पासवान जाति पर चिराग पासवान तो मुशहर समाज पर जीतन राम मांझी दांव चल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी भी इन चुनाव में हाथ आजमा रही है। बीएसपी के राष्ट्रीय कोर्डिनेटर आकाश आनंद ने भी बिहर में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। 26 जून को बसपा पटना में छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्मोत्स्व कार्यक्रम कर रही है। इस कार्यक्रम आकाश आनंद मुख्य अतिथि होंगे।
दरअसल बसपा बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनाधार खासकर कुर्मी-कोइरी बिरादरी, पर नजर रखे हुए है। बसपा अपनी परंपरागत दलित वोटबैंक के साथ-साथ नीतीश के आधार वोटों में सेंध लगाने की रणनीति बना रही है। कार्यक्रम में दलितों के अलावा कुर्मी-कोइरी समुदाय को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। मतलब बसपा का ध्यान नीतीश कुमार के वोटबैंक पर है। बसपा के केंद्रीय प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने दावा किया है कि इस कार्यक्रम को लेकर कुर्मी-कोइरी बिरादरी में भारी उत्साह है। इस रणनीति से बिहार की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
दरअसल आकाश आनंद का भाषण जमीनी मुद्दों को लेकर तत्थों पर आधारित होता है। गत लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सीधे ललकार देने पर मायावती ने उसे पार्टी से बाहर दर दिया था पर फिर से वह आकाश आनंद को पार्टी में ले आईं। और एक तरह से आकाश आनंद ही मायावती के असली वारिश हैं।

