द न्यूज 15
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीरभूम घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मामला यहां तक बढ़ गया कि सदन के पटल पर टीएमसी और भाजपा विधायकों के बीच झड़प हो गई। झड़प इतनी तीखी थी कि टीएमसी के एक विधायक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, उनकी नाक से खून आ रहा था। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि टीएमसी और सुरक्षाकर्मियों ने आठ भाजपा विधायकों को घायल कर दिया है।
हुगली जिले के चिनसुराह से टीएमसी विधायक असित मजूमदार का दावा है कि उन्हें सुवेंदु अधिकारी ने मारा। उनका कहना है कि “जब वह विधानसभा के अंदर सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई कर रहे भाजपा के 5 विधायकों को रोक रहे थे तो उनका चश्मा टूट गया।”
अधिकारी समेत भाजपा विधायकों को किया गया निलंबित : इसके बाद विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी समेत 5 भाजपा विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। अध्यक्ष ने अधिकारी के अलावा भाजपा विधायक दीपक बर्मन, शंकर घोष, मनोज तिग्गा और नरहरि महतो को 2022 के आगामी सभी सत्रों के लिए निलंबित कर दिया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “सदन का आखिरी दिन होने के चलते हमने राज्य के कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग की। ऐसा न होने के बाद संवैधानिक तरीके से विरोध किया, जिसके बाद सिविल ड्रेस पहने पुलिसकर्मियों और TMC के विधायकों ने हमारे विधायकों के साथ मारपीट की। उधर विपक्ष ने आरोप लगाया कि टीएमसी और सुरक्षाकर्मियों ने आठ भाजपा विधायकों को घायल कर दिया है।
विधायक सदन के भीतर भी सुरक्षित नहीं : अधिकारी का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस, उनके गुंडे और पुलिस के खिलाफ उनका मार्च है। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। अधिकारी ने कहा, “विधायक सदन के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं। तृणमूल के विधायकों ने सचेतक मनोज तिग्गा समेत उनके कम से कम 8-10 विधायकों के साथ मारपीट की, उन्होंने कहा कि उनका दोष बस इतना है कि वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान की मांग कर रहे थे।






