बांग्लादेश की कंगाली से बिहार होगा मालामाल

दिल्ली-मुंबई वालों के निकलेंगे आंसू
समझें बिजनेस का पूरा समीकरण

 दीपक कुमार तिवारी 

बांग्लादेश में चल रहे राजनीतिक अशांति की वजह से बिहार के कपड़ा उद्योग को फायदा हो सकता है। बांग्लादेश के कुछ बड़े कपड़ा उद्योगपति बिहार में कारोबार की संभावनाएं तलाश रहे हैं। बिहार में पहले से ही कुशल कारीगरों की बड़ी संख्या मौजूद है, जो इस उद्योग को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
कपड़ा उद्योग के जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश के जो कपड़ा उत्पादक भारत के साथ सीधे कारोबार करते हैं, वे अभी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। वे अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। अगर बांग्लादेश की स्थिति नहीं सुधरती है, तो सस्ते श्रम की तलाश में वे बिहार में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकते हैं या यहाँ की मौजूदा इकाइयों को काम दे सकते हैं। निवेशक मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया और कटिहार जैसे शहरों में अपनी फैक्ट्रियां और इकाइयां लगाने पर विचार कर रहे हैं।
हालांकि तिरुपुर,दिल्ली,मुंबई, नोएडा, इंदौर और कोलकाता जैसे शहर भारत में कपड़ा उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में पहले से ही स्थापित हैं, लेकिन बिहार अपने सस्ते और कुशल कारीगरों की बदौलत इस क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है। कई बड़े ब्रांड यहाँ काम शुरू कर चुके हैं और कुछ जल्द ही काम शुरू करने वाले हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कपड़ा उत्पादन से जुड़ी 30 औद्योगिक इकाइयां हैं, जिनमें 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। इसके अलावा, ऐसी लगभग एक दर्जन इकाइयां हैं जो एसआईपीबी में पंजीकृत नहीं हैं।
वर्ष 2022 में नई टेक्सटाइल नीति लागू होने के बाद, बिहार में निवेश के 88 प्रस्ताव आ चुके हैं। इनमें से कई को मंजूरी मिल चुकी है और कुछ दूसरे चरण में हैं। इन प्रस्तावों में 482 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। वर्ष 2016 की औद्योगिक नीति के तहत 42 इकाइयों ने बिहार में निवेश के लिए पंजीकरण कराया था। इससे साफ है कि बिहार में कपड़ा उद्योग तेजी से आगे बढ़ने वाला है और इसके लिए पूरी तैयारी है।

  • Related Posts

    BJP विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठे, बोले- ‘जब तक सम्राट चौधरी…’  

    लौरिया विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनय बिहारी…

    Continue reading
    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    छठ पूजा पर अपने घर बिहार जाने की…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बड़ी चुनौती

    सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बड़ी चुनौती

    मेरठ नीला ड्रम केस: आया कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

    मेरठ नीला ड्रम केस: आया कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

    यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट कौन और कब होगा ऐलान? अखिलेश ने बताया

    यूपी राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट कौन और कब होगा ऐलान? अखिलेश ने बताया

    गेंहूं-चना समेत इन छह फसलों की बढ़ी MSP, मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

    गेंहूं-चना समेत इन छह फसलों की बढ़ी MSP, मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले

    SIR को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ‘बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा…’

    SIR को लेकर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ‘बिहार का चुनाव पूरा फर्जीवाड़ा…’

    कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी

    कौन होता है प्राइवेट यूनिवर्सिटी का मुखिया? कितनी होती है उसकी सैलरी