कपिल मिश्रा पर कोर्ट के आदेश में सीधे तौर पर कुछ निंदा या सजा का उल्लेख नहीं है, लेकिन कई रिपोर्ट्स और AAP नेताओं (जैसे सौरभ भारद्वाज, अनुराग ढांडा) के बयानों में कहा गया है कि कोर्ट ने नोट किया कि कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा जैसी भाषा/पोस्ट से सांप्रदायिक तनाव भड़क सकता है। कोर्ट ने उनके इस्तेमाल की गई भाषा को संभावित रूप से उकसाने वाली माना है।
यह वीडियो कपिल मिश्रा ने अपने X अकाउंट पर शेयर किया था, जिसके आधार पर जालंधर पुलिस ने जनवरी 2026 की शुरुआत में उनके खिलाफ FIR भी दर्ज की थी (शिकायतकर्ता: इकबाल सिंह बग्गा)। BJP पक्ष ने कोर्ट के आदेश का सम्मान करने की बात कही है, लेकिन AAP इसे BJP की “साजिश” बताकर कपिल मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
संक्षेप में: वीडियो हटेगा (कोर्ट का साफ आदेश), लेकिन कपिल मिश्रा पर कोर्ट ने कोई व्यक्तिगत टिप्पणी या दंड नहीं दिया—हालांकि उनके द्वारा शेयर किए वीडियो को फर्जी साबित किया गया है।








