Army Chief: बॉर्डर के दोनों ओर सेना की भारी तैनाती, आर्मी चीफ मनोज पांडे बोले- चीन का पीछे हटने का इरादा…

 

Army Chief Manoj Pande: पीएलए के सैनिकों की तैनाती में बदलाव के आधार पर सिक्किम से लेकर अरुणाचल प्रदेश के किबिथू तक कम से कम 6 लाइट टू मीडियम कंबाइंड आर्मर्ड ब्रिगेड की तैनाती का अनुमान है.

Eastern Sector: भारत के साथ पूर्वी लद्दाख की सीमा पर विवाद पैदा कर रहा चीन अपने कदम पीछे लेने को तैयार नहीं हो रहा है. भारत के पूर्वी सेक्टर पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती एलएसी पर की गई है. जिसके चलते सेनाओं के योजनाबद्ध तरीके से पीछे हटने का मामला खटाई में पड़ गया है. इसी के साथ भारतीय सेना ने भी किसी मिलिट्री इमरजेंसी से निपटने के लिए वहां पर भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती की है.

भारतीय थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने इंडिया टुडे के कॉन्क्लेव में शुक्रवार (17 मार्च) को कहा कि चीन की पीएलए ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी से अपने सैनिकों को कम नहीं किया है और बहुत तेजी के साथ सीमा पर मिलिट्री अपग्रेडेशन कर रहा है. उन्होंने कहा कि चीन ने गलवान, गोगरा हॉट स्प्रिंग्स और पेगोंग त्सो में हुई आगे बढ़ने की कोशिश करने के लिए 50000 सैनिकों को भारी हथियारों के साथ सीमा पर तैनात किया है.

सिक्किम से किबिथू तक सीमा पर चीन कर रहा तैनाती

जनरल मनोज पांडे ने बताया कि एलएसी पर मुख्य चुनौती पीएलए के सैनिकों की भारी मात्रा में तैनाती है. पीएलए के सैनिकों की तैनाती में बदलाव के आधार पर उन्होंने कहा कि सिक्किम से लेकर अरुणाचल प्रदेश के किबिथू तक कम से कम 6 लाइट टू मीडियम कंबाइंड आर्मर्ड ब्रिगेड की तैनाती का अनुमान है.

भारतीय सेना का आकलन था कि एलएसी पर तैनात अतिरिक्त रिजर्व सैनिकों को तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति के रूप में शी जिनपिंग के चयन के बाद पीएलए के उत्तरी और पूर्वी कमान में उनके ठिकानों पर वापस भेज दिया जाएगा. हालांकि, वर्तमान आकलन यह है कि ये सैनिक भारत के पूर्वी क्षेत्र पर दबाव बनाए रखने के लिए वहीं बने हुए हैं. बीते दशकों की तुलना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों के तहत भारत ने भी पहले से कहीं अधिक तेजी से समय के अंदर ही सीमा के उल्लंघन का जवाब दिया है.

एलएसी पर तेजी से हो रहा काम

मोदी सरकार पर चीन के खतरे को नजरअंदाज करने के विपक्ष के आरोपों से इतर एलएसी पर अपग्रेडेड सड़कों, संचार माध्यमों और एडवांस लैंडिंग ग्राउंड नेटवर्क के सहारे भारतीय सेना किसी भी स्थिति का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हुई है और स्थानीय अधिकारियों को ऐसे मामलों में तुरंत फैसला लेने का अधिकार दिया गया है. उन्होंने कहा कि एलएसी पर हालात स्थिर हैं, लेकिन हमें पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर रखने की जरूरत है.

  • Related Posts

    द फेस्टिवल ऑफ अल्टरनेटिव्स 2 अक्टूबर से तारा में विकल्पों पर होगी चर्चा

    उद्घाटन कार्यक्रम में तुषार गांधी, मेधा पाटकर, नसरुद्दीन…

    Continue reading
    आरके सिंह ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा 

    नई दिल्ली। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा मोर्चा…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    डीआईसी इंडिया प्रबंधन की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ श्रम कार्यालय पर सीटू ने जोरदार प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन 

    डीआईसी इंडिया प्रबंधन की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ श्रम कार्यालय पर सीटू ने जोरदार प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन 

    3 अक्टूबर को भिटहा में उमड़ेगा श्रद्धा का महासैलाब, दादा जी की पुण्यतिथि पर जुटेगा पूर्वांचल

    3 अक्टूबर को भिटहा में उमड़ेगा श्रद्धा का महासैलाब, दादा जी की पुण्यतिथि पर जुटेगा पूर्वांचल

    ₹2700 की दवा पर ₹27 हजार की कीमत क्यों?

    ₹2700 की दवा पर ₹27 हजार की कीमत क्यों?

    UP: ओपी राजभर-अखिलेश के बीच तू-तू-मैं-मैं, नथवानी, रामगोपाल, INDIA पर भिड़े दोनों नेता

    UP: ओपी राजभर-अखिलेश के बीच तू-तू-मैं-मैं, नथवानी, रामगोपाल, INDIA पर भिड़े दोनों नेता

    कैसे ओमानी पायलट के हाथ में थी फ्लाई दुबई की कमान? आतंकी साजिश की जांच करेगा UAE

    कैसे ओमानी पायलट के हाथ में थी फ्लाई दुबई की कमान? आतंकी साजिश की जांच करेगा UAE

    आराधना मिश्रा हो सकती हैं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष, अजय राय की होगी छुट्टी

    आराधना मिश्रा हो सकती हैं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष, अजय राय की होगी छुट्टी