4 मई की मतगणना के बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लेकर राज्य के आसनसोल , मुर्शिदाबाद, मालदा तथा कई शहरों में हिंसा और आगजनी की लगातार घटनाएं हो रही है , लोगों के दुकानों और घरों को जलाया जा रहा है , कई निर्दोष लोगों की हत्या की भी दुःखद खबर है । अभी भी चुनाव आयोग के अधीन ही प्रशासन है, ढाई लाख से अधिक केंद्रीय सुरक्षा बल मौजूद है किंतु हिंसा जारी है ..हिंसा करने वालों के हाथों में भगवा झंडे हैं, जयश्री राम के नारे लगा रहे हैं….. इसका अर्थ होता है कि हिंसा को धार्मिक रंग भी दिया जा रहा है ! इससे अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है । दुर्भाग्य यह है कि इस हिंसा के माहौल में प्रशासन की विफलता साफ दिखाई दे रही है । बंगाल के मामले में उच्च अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट क्यों चुप है …??? माननीय न्यायालय से विनम्र अपील है कि वस्तुस्थिति का तुरंत संज्ञान लेकर प्रशासन को उचित निर्देश जारी करें ताकि बंगाल में तुरंत हिंसा और आगजनी रुके, जान-माल की सुरक्षा हो तथा शांति की बहाली हो।
निवेदक
सिटीजंस फॉर डेमोक्रेसी
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
सोसाइटी फॉर कम्युनल हार्मनी
यह अपील संयुक्त रूप से जारी किया गया है








