अमेठी के नवागत के तेज तर्रार जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज असैदापुर का स्थलीय औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन, छात्रावास, भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों और प्रधानाचार्या को व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
छात्राओं के साथ बैठकर परखा भोजन का स्वाद
जिलाधिकारी ने निरीक्षण की शुरुआत ही विद्यालय के मेस से किया। उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू की जानकारी लिया। व्यवस्थाओं को केवल देखने तक सीमित न रखते हुए जिलाधिकारी स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर भोजन करने लगे।
डीएम के साथ बैठकर भोजन करते देख छात्राओं में भी उत्साह नजर आया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता परखी और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने मेस में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छात्रावास की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
इसके बाद जिलाधिकारी ने छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं के रहने के स्थान, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्या गीता वर्मा ने छात्रावास में कुछ तख्तों की कमी की जानकारी जिलाधिकारी को दिया।
इस पर डीएम ने विद्यालय अथवा उपलब्ध अन्य फंड से आवश्यक तख्तों की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को रहने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी मूलभूत जरूरतों की नियमित निगरानी की जाए।
कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से की बातचीत
जिलाधिकारी ने विद्यालय की कक्षाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, कक्षाओं में होने वाले शिक्षण कार्य और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सीधे जानकारी लिया। छात्राओं से संवाद के दौरान उन्होंने उनकी शैक्षणिक स्थिति को समझने का प्रयास किया।
डीएम ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया और सभी शिक्षकों को प्रतिदिन निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में चल रहे मरम्मत कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी लिया। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराए जाएं और उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए.उन्होंने निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की निगरानी पर भी जोर देते हुए कहा कि विद्यालय की सुविधाओं को बेहतर बनाने में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
परिसर की साफ-सफाई दुरुस्त कराने के निर्देश
विद्यालय परिसर में जगह-जगह उगी बड़ी घास को देखकर जिलाधिकारी ने तत्काल इसकी सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं के विद्यालय और छात्रावास परिसर में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण होना आवश्यक है। परिसर की नियमित सफाई, घास की कटाई और साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों और प्रधानाचार्या को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, भोजन, आवास, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा. डीएम के निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार और छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।






