भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन नीति पर चलकर विश्व शांति का माहौल निर्मित करे
रीवा । समता सम्पर्क अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लोकतंत्र सेनानी अजय खरे ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की साम्राज्यवादी नीति के चलते ईरान के ऊपर हुए हमले के बाद खाड़ी देशों और आसपास के बड़े क्षेत्र में महायुद्ध की अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई है। इसके पहले अमेरिका ने वेनेजुएला में जो कुछ हुआ वह भी संप्रभुता संपन्न देश पर हमला है। इधर एक तरफ गाजा शांति प्रस्ताव की बात होती है और दूसरी तरफ अमेरिका ईरान पर अनुचित दबाव बनाने इजरायल के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया। वहीं ईरान ने अपनी संप्रभुता बचाने डरने की जगह अमेरिकी चुनौती को स्वीकार कर लड़ाई जारी रखी है। अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत के बाद भी ईरानी लोगों के हौसले बुलंद हैं। श्री खरे ने कहा कि इतिहास गवाह है कि संकट के समय अमेरिका कभी भारत के साथ नहीं रहा बल्कि लगातार अपमानित करता आया है, वहीं ईरान ने ऐतिहासिक मित्रता को कायम रखा।
सन 1965 का युद्ध हो या सन 1971 का अमेरिका ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान की खुलकर मदद की थी। लेकिन वह अपने नापाक मकसद में अभी तक कामयाब नहीं हो सका। इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा कुछ दिन पहले इजराइल जाकर वहां के प्रधानमंत्री नेतन्याहु के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा शांति प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया गया पर मोदी के स्वदेश लौटते ही अमेरिका ने इजराइल से मिलकर ईरान पर हमले की शुरुआत कर संबंधित क्षेत्र को महायुद्ध का अखाड़ा बना दिया है। श्री खरे ने कहा कि भारत ने लंबे समय तक गुटनिरपेक्ष आंदोलन का नेतृत्व करके दुनिया में शक्ति संतुलन और शांति को बढ़ावा दिया है। वर्तमान समय में ढुलमुल नीति होने से संकट बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एवं इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहु युद्ध अपराधियों जैसा कृत्य कर रहे हैं। इस पर लगाम लगाई जाना चाहिए। अमेरिका अपने साम्राज्यवादी हितों को पूरा करने के लिए इसराइल को आगे कर रहा है। देखने में आता है कि अमेरिका कभी भी अपने देश को युद्ध का अखाड़ा नहीं बनने देता बल्कि दूसरे देशों की भूमि का गलत इस्तेमाल कर नरसंहार को बढ़ावा देकर मानवता को कलंकित कर रहा है। ऐसा करना अत्यंत गैर जिम्मेदाराना शांति विरोधी विस्तारवादी निंदनीय कृत्य है।








