ऐम्बुलेंस कर्मियों की हड़ताल 9वें दिन भी जारी, संघ और एटक नेता ने कंपनी से लिखित आश्वासन की मांग की

बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिले में ऐम्बुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 9वें दिन भी जारी रही, जिससे आपातकालीन सेवाएँ पूरी तरह ठप हैं और मरीजों व परिजनों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ के जिला अध्यक्ष सुनील राम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि संघ के राज्य और जिले के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने दो बार पटना जाकर कंपनी प्रबंधन से बातचीत की। 11 सितंबर को कंपनी के प्रबंधक से लगभग 4 घंटे तक चलने वाली वार्ता में कंपनी ने श्रम अधिनियम का पालन करते हुए कर्मियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन संघ ने स्पष्ट किया कि मौखिक भरोसा पर्याप्त नहीं है और सभी प्रतिबद्धताओं को लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।

कर्मचारियों की पांच प्रमुख मांगें इस दौरान केंद्र में रही। पहला, वेतन वृद्धि: कर्मचारियों ने न्यूनतम ₹19,000 मासिक वेतन की मांग रखी है ताकि 12 घंटे से अधिक ड्यूटी के बावजूद परिवार का पालन-पोषण संभव हो सके। दूसरा, सेवा निवृत्ति आयु सीमा 65 वर्ष तक बढ़ाई जाए, ताकि लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को उचित सुरक्षा और सम्मान मिल सके। तीसरा, कर्मियों को स्थायी दर्जा प्रदान किया जाए, जिससे नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित हो। चौथा, श्रम कानून और नियमों का पालन किया जाए, खासकर गाड़ी खराब होने पर मजदूरी कटौती जैसी समस्याओं से बचाव के लिए। और पांचवां, सभी मांगे लिखित रूप में सुनिश्चित की जाएं ताकि हड़ताल का समाधान वास्तविक और स्थायी हो।

सुनील राम ने कहा कि कंपनी ने लिखित समझौते के लिए प्रारंभ में 30 दिन का समय मांगा था, लेकिन संघ ने इसे 60 दिन तक बढ़ाया है और स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि के भीतर रिटर्न में लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, तो हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारियों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा।

धरना स्थल पर एटक नेता ओमप्रकाश क्रांति ने सरकार और कंपनी से तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मियों की मांगे पूरी तरह जायज हैं और श्रम कानून के अनुसार उनका सम्मान होना चाहिए। क्रांति ने चेतावनी दी कि अगर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा, और कर्मचारी अपनी मांगों के लिए सख्त रुख बनाए रखेंगे।

धरने का संचालन अमित कुमार शाही कर रहे हैं, जिनके साथ संघ के अन्य नेता जैसे सुनील राम, संजीत सी, आदर्श मणि, विजय राम, ऋतुराज आज़ाद, आलम मंटू, शुक्ला, गोविंद प्रसाद, नंदलाल राम, ओम प्रकाश कुमार और संजय प्रसाद कर्मियों को संबोधित कर रहे हैं। बैठक में सैकड़ों कर्मियों की भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने सरकार और कंपनी के खिलाफ नारेबाज़ी की और अपनी पांचों मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर लगातार गूँज रहे नारे न्यूनतम मजदूरी लागू करो, सेवा निवृत्ति की उम्र बढ़ाओ, ऐम्बुलेंस कर्मियों को स्थायी दर्जा दो, श्रम कानून का पालन करो, लिखित आश्वासन दो इस आंदोलन की गंभीरता और कर्मचारियों की मजबूती को दर्शाते हैं।

इस हड़ताल और धरने ने यह साफ संदेश दिया है कि ऐम्बुलेंस कर्मियों की मांगे न केवल जायज हैं बल्कि उनकी अनदेखी करने पर आंदोलन और लंबा और गंभीर रूप ले सकता है। कर्मचारियों और संघ का रुख स्पष्ट है कि जब तक सभी पांच मांगें लिखित रूप में पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बना रहेगा।

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