लखनऊ के आशियाना (बंगला बाजार) वाले ‘नीले ड्रम कांड’ में एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह (उर्फ राजा) ने 20 फरवरी 2026 की सुबह करीब 4:30 बजे अपने पिता मानवेंद्र सिंह (49 वर्ष, वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक और शराब कारोबारी) को घर की तीसरी मंजिल पर लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में उसने शव को आरी से 6 टुकड़ों में काटा, पेट चीरा (सड़न रोकने के लिए), नीले ड्रम में रखा और कुछ हिस्से सदरौना इलाके में फेंक दिए। बहन कृति (छोटी) ने यह सब देखा या सुना, लेकिन अक्षत ने धमकी देकर 4 दिन तक उसे कमरे में बंद रखा।
नया खुलासा क्या है?
पुलिस पूछताछ और मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि कत्ल की रात अक्षत नशे में था। पिता किसी कार्यक्रम से नशे में लौटे थे, उन्होंने अक्षत को गाली-गलौज किया और थप्पड़ भी जड़ा (कुछ रिपोर्ट्स में 50 लाख रुपये या करियर/NEET को लेकर विवाद बताया गया)। नशे और गुस्से में अक्षत ने राइफल उठा ली।
जेल जाने से पहले (26 फरवरी को) अक्षत ने पुलिस से अपनी छोटी बहन कृति से मिलने की मांग की। पुलिस ने बहन को स्कूल से थाने बुलाया। अक्षत ने बहन से लिपटकर खूब रोया। उसने बहन से कहा- “अपना ख्याल रखना” और अपनी गंभीर बीमारी का जिक्र करते हुए फोन मांगा ताकि उसके खाते (22 हजार रुपये) में पैसे ट्रांसफर कर सके (6 हजार क्लर्क के वेतन के लिए)। जेल में पहली रात भी अक्षत बड़बड़ाता रहा, दीवार के सहारे बैठा रोता रहा और पछतावा जताया- “पापा ने मुझे पहले पीटा था, फिर मैंने गोली मारी… बड़ी चूक हो गई।”
अक्षत के बाद के कृत्य
हत्या के तुरंत बाद बहन से कहा- “अब सब हमारा है, भविष्य उज्ज्वल है।”
दोस्त को फोन कर पार्टी की बात की।
ऑनलाइन सर्च किया- “शव को लंबे समय तक कैसे रखें”, आरी-चाकू मंगवाए।
बहन कृति सदमे में है, किसी से बात नहीं कर रही। पुलिस ने पूछताछ में अक्षत ने बहन की कोई भूमिका नहीं बताई (सिर हिलाकर इनकार किया)। अक्षत को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जहां उसकी काउंसलिंग चल रही है।
यह पूरा मामला पारिवारिक कलह, नशे और गुस्से का नतीजा लगता है। पुलिस जांच जारी है। परिवार पहले ही मां को खो चुका था (10 साल पहले)।








