नोएडा । प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका, महिलाओं तथा वंचित वर्गों की शिक्षा और समानता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाली महान समाजसेविका एवं महिला सशक्तिकरण की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती 3 जनवरी 2026 को सीटू कार्यालय सेक्टर- 8, नोएडा पर जनवादी महिला समिति, दलित शोषण मुक्ति मंच, सीपीआई(एम) सी. आई. टी. यू. कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से धूमधाम के साथ मनाई।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवा दिल्ली एनसीआर राज्य अध्यक्ष आशा यादव ने कहा कि जबरदस्त सामाजिक विरोध के बावजूद सावित्रीबाई फुले ने विधवा विवाह, छुआछूत का विरोध दलित और महिलाओं की मुक्ति के लिए मिशन चलाया! सीटू जिला महासचिव रामस्वारथ ने कहा कि महिला अधिकारों के लिए रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़कर सावित्रीबाई फुले ने आंदोलन खड़ा किया था! दलित शोषण मुक्ति मंच के नेता भीखू प्रसाद ने बताया कि सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 में हुआ था उन्होंने खुद शिक्षित होकर 1848 में महाराष्ट्र के पुणे में देश के सबसे पहले बालिका स्कूल की स्थापना की थी उन्होंने बताया कि जब वह लड़कियों को पढ़ाने के लिए स्कूल जाती थी तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी और कीचड़ फेंकते थे लेकिन इस सबके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी! माकपा जिला सचिव रामसागर व सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़कर महिलाओं के लिए शिक्षा का अलग जगाया और महिला अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया ऐसी महिला को हम नमन करते हुए उन्हें याद करते हैं साथ ही इस अवसर पर उन्होंने उनके जन्मदिन की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर महिला समिति की नेता रेखा चौहान, गुड़िया देवी, पिंकी, सरोज देवी, गीता, सीटू नेता भरत डेंजर, अरुण कुमार, शंभू , माकपा नेता शिवजी कुशवाहा, हरकिशन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता आर.बी. सिंह आदि ने उन्हें नमन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने-अपने विचार व्यक्त किये।








