क्या है ठगी का मामला ?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 16 नवंबर से 6 दिसंबर तक अग्निवीर सेना भर्ती रैली हुई थी । इस रैली में असफल हुए अभ्यर्थियों से एक गैंग ठगी कर रहा था, गैंग अभ्यर्थियों से 3-3 लाख रुपए में पास कराने का झूठा दावा कर रहा था, जिसकी जानकारी मिलिट्री इंटेलिजेंस को मिल रही थी । फिर मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इसकी सूचना एसटीएफ(STF) को दी, जिसके बाद एसटीएफ(STF) वाराणसी ने तुरंत छापेमारी की और ठगी करने वाले गैंग के सरगना, नेपाल के स्याजयस जिले के रहने वाले वेल नारायण मानेन्धर को वाराणसी के कैंट इलाके से पकड़ लिया ।
कैसे पकड़ा गया ये गैंग ?
पुलिस के मुताबिक, 3 लाख रुपए लेकर, यह गैंग अग्निवीर सेना भर्ती रैली में असफल हुए अभ्यर्थियों का मेडिकल वाराणसी के कैंटोनमेंट एरिया में करवा रहा था । जिसकी जानकारी इंटेलिजेंस को लगी, और इंटेलिजेंस ने इसकी सूचना एसटीएफ(STF) को दी । जिसके बाद एसटीएफ(STF) ने छापेमारी कर, ठगी करने वाले गैंग के सरगना को पकड़ लिया। जानकारी देते हुए, एसटीएफ(STF) ने बताया कि गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है ।
पकड़े गए आरोपी वेल नारायण मानेन्धर के साथ कौन- कौन था शामिल
पुलिस ने बताया कि वेल नारायण मानेन्धर तकरीबन 6 महीने से एक रेस्टोरेंट में खाना बनाने का काम कर रहा था । तभी उसकी मुलाकात नेपाल के दिवस विश्वकर्मा से हुई, दिवस सिपाही पद पर तैनात है, दिवस ने मानेन्धर को बताया की सेना भर्ती होने वाली है, अगर कोई अभ्यर्थी हो तो वह उसे बताए । जिसके बाद मानेन्धर ने मिर्जापुर के युवक आयुष से संपर्क किया । फिर आयुश ने अपने तीन और साथियों को भी दिवस से मिलवाया, जिसके बाद दिवस ने चारों से अपने खाते में कुछ पैसे ट्रांसफर करवाए, और कुछ कैश लिया ।
पैसों के लेन-देन के बाद, युवकों को मेडिकल के नाम पर वाराणसी के कैंट इलाके में बुलाया । वहीं एसटीएफ(STF) ने आरोपियों को पकड़ लिया ।
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