घटना का विवरण
स्थान: समस्तीपुर के सरायरंजन क्षेत्र, गुड़मा गांव या शीतलपट्टी के पास KSR कॉलेज रोड।
कब मिलीं: 8 नवंबर (शनिवार) को, वोटिंग के दो दिन बाद।
कितनी पर्चियां: अनुमानित हजारों की संख्या में, जो सड़क पर या कूड़े में फेंकी हुई थीं।
प्रक्रिया का उल्लंघन: VVPAT स्लिप्स को नष्ट करने की बजाय फेंक दिया गया, जो प्रोटोकॉल के खिलाफ है।
चुनाव आयोग का एक्शन
चुनाव आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और स्पष्ट किया कि ये पर्चियां वोटिंग से पहले की मॉक पोल (अभ्यास मतदान) की हैं, असली वोटों की नहीं। आयोग ने इसे गंभीरता से लिया और निम्नलिखित कदम उठाए:
सस्पेंड: असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) को तत्काल निलंबित कर दिया।
FIR दर्ज: स्थानीय पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए।
जांच: जिला मजिस्ट्रेट (DM) रोशन कुशवाहा को मौके पर जांच का आदेश। DM और SP अरविंद प्रताप सिंह खुद घटनास्थल पर पहुंचे। जिम्मेदारी: जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी राजनिश राय ने पुष्टि की कि ये मॉक पोल की स्लिप्स हैं।
आयोग ने कहा कि प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे जांच होगी, ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
RJD (राष्ट्रीय जनता दल): सबसे तीखी प्रतिक्रिया RJD की आई। पार्टी ने इसे “लोकतंत्र की चोरी” बताया और चुनाव आयोग को “चोर आयोग” कहकर आड़े हाथों लिया। RJD नेता तेजस्वी यादव समर्थकों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए: “कब, कैसे, क्यों और किसके इशारे पर ये पर्चियां फेंकी गईं?” RJD ने आयोग से जवाब मांगा और इसे NDA की साजिश करार दिया।
अन्य दल: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी EVM-VVPAT प्रक्रिया पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर #VVPAT और #BiharElection2025 ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स आयोग की निष्पक्षता पर शक जता रहे हैं। NDA पक्ष: अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं, लेकिन समर्थक इसे विपक्ष का प्रचार बता रहे हैं।








