पुलिस की लापरवाही से गई छात्रा की जान

समय रहते कार्रवाई होती तो बच सकती थी संजना

मोहन कुमार सुधांशु 

गोरौल (वैशाली)। गोरौल थाना क्षेत्र के पिरापुर मथुरा गांव में गुरुवार को एक युवती का गड्ढे में दफन शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान पिरापुर गांव निवासी वीरचंद्र सिंह की 20 वर्षीय पुत्री संजना कुमारी के रूप में हुई, जो भगवानपुर स्थित लक्ष्मी नारायण महाविद्यालय में स्नातक तृतीय खंड की छात्रा थी।

स्थानीय किसान धर्मेंद्र कुमार जब खेत की जुताई करा रहे थे, तो ट्रैक्टर का चक्का गड्ढे में फंस गया। गड्ढे से बदबू आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोरौल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गड्ढे से संजना का बैग भी बरामद हुआ जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, और एडमिट कार्ड जैसे दस्तावेज मिले।

 

🔍 परिजनों का आरोप: पुलिस की लापरवाही बनी हत्या की वजह

 

जना के परिजनों के अनुसार, वह 27 मई को कॉलेज जाने के बाद वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन भगवानपुर थाना में गुमशुदगी की सूचना दी थी। बाद में 11 जून को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर बेटी की बरामदगी की गुहार भी लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

परिजनों ने गांव के ही रूपेश कुमार पर संजना के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि रूपेश कई महीनों से संजना को परेशान कर रहा था, उस पर मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजने और पीछा करने का भी आरोप है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि पुलिस समय पर FIR दर्ज कर जांच करती, तो संजना की जान बचाई जा सकती थी।

 

🚨 पुलिस की प्रतिक्रिया

 

गोरौल थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने पुष्टि की कि शव बरामद हुआ है और पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी रूपेश कुमार पूर्व में मुजफ्फरपुर जेल में रेप के एक केस में बंद रह चुका है।

यह मामला पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और एक बार फिर साबित करता है कि समय पर कार्रवाई न हो तो न्याय मर जाता है।

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