युवाओं की ऐतिहासिक जीत – तानाशाही की हार, लोकतंत्र ताकतवर हुआ!

किसानों के बाद युवाओं ने महाबली सरकार को झुकाया, मोदी सरकार का पहला विकेट गिरा!, अब मैच हारने की ओर, शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता!, आंदोलन से परिवर्तन संभव है

 

डॉ. सुनीलम

किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की जीत बतलाते हुए कहा है कि इतिहास बताता है कि जब-जब युवा खड़ा होता है, वह जीत हासिल करता है। 1942 में देश के युवाओं ने गांधी जी के ‘करो या मरो’ , ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ के आह्वान के बाद देश से अंग्रेजों को खदेड़ दिया था। 1974 में तानाशाही के खिलाफ युवा जब लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में खड़े हुए तब तानाशाही को खदेड़ दिया। अन्ना आंदोलन के दौरान फिर जब युवा खड़े हुए तब लोकपाल बिल को पारित कराने में कामयाब हुए, सत्ता भी बदली।
मोदी सरकार के आने के बाद किसानों के भूमि अधिकार आंदोलन के चलते सरकार भूमि अधिग्रहण बिल में बदलाव नहीं करा सकी। सीएए- एनआरसी के खिलाफ महिला आंदोलन के चलते सरकार सीएए- एनआरसी लागू नहीं करा सकी। केंद्र सरकार जब तीन किसान विरोधी कानून लाई तब भी सरकार को पीछे हटना पड़ा। इस बार 152 पेपर लीक के खिलाफ और मुख्य न्यायाधीश के द्वारा बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहने के बाद छात्र-छात्राएं आंदोलन के लिए मैदान में उतरे परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा।
डॉ सुनीलम ने कहा कि हम यह मानते हैं कि आंदोलन से परिवर्तन होता है तथा गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर चलकर बड़ी से बड़ी ताकत को परास्त किया जा सकता है।
डॉ सुनीलम में आशा व्यक्त की है कि सरकार ने जिन शिक्षा सुधारों हेतु छात्र-छात्राओं से फिर से बातचीत करने का वायदा किया है, आंदोलन के चलते की गई एफ आई आर वापस लेने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है, सरकार अपने वादों को पूरा करेगी तथा जिस तरह का धोखा किसानों के साथ किया था वैसा छात्र-छात्राओं के साथ नहीं होगा।
डॉ सुनीलम ने कहा कि संसद में विपक्ष ने छात्र-छात्राओं का पूरी ताकत से साथ दिया। विपक्षी सांसद सड़कों पर उतरे, इससे भी छात्र-छात्राओं को काफी बल मिला।
डॉ सुनीलम ने अभिजीत दीपके, सोनम वांगचुक, आईसा की अध्यक्ष नेहा बोरा, मनीष कुमार, एआईएसएफ, एसएफआई के अनशनकारियों को विशेष तौर पर धन्यवाद देते हुए कहा है कि आंदोलन की जीत का सेहरा 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर एकत्रित हुए, पुलिस बर्बरता के बाद भी डटे रहे छात्र-छात्राओं को तथा 24 जुलाई को देशभर में हुए प्रदर्शनों में शामिल छात्र-छात्राओं को दिया जाना चाहिए।
डॉ सुनीलम ने कहा किसानों के संगठनों ने सरकार को यह बतला दिया था कि वह इन युवाओं के साथ है ,जिसका असर भी सरकार पर पड़ा।
डॉ सुनीलम ने कहा इस आंदोलन ने सत्य , अहिंसा और सत्याग्रह के गांधी जी के विचार की ताकत को फिर साबित किया है।
देश में व्याप्त डर को खत्म किया है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि भारत का युवा बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के युवाओं के हिंसक रास्ते पर नहीं गया। यह आंदोलन के नेतृत्व कर्ताओं की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

  • Related Posts

    सचिन पायलट ने पास की पंजाब में ‘अग्निपरीक्षा’? इस तस्वीर ने बढ़ाई विपक्ष की टेंशन!

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रभारी…

    Continue reading
    CM उमर अब्दुल्ला ने UCC पर गृहमंत्री को दी ‘सलाह’, क्या मानेगी केंद्र सरकार? 

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने BJP शासित…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उमर खालिद तुम्हें कसम है

    उमर खालिद तुम्हें कसम है

    गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

    गुजरात महिला कांग्रेस चीफ के बेटे को ATS ने फर्जी पासपोर्ट मामले में किया गिरफ्तार 

    इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, ‘पीएम मोदी UPI Tax वापस लीजिए’

    इंदिरा गांधी का जिक्र कर राहुल गांधी बोले, ‘पीएम मोदी UPI Tax वापस लीजिए’

    EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15000 से बढ़कर 25000 हुई वेतन सीमा

    EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15000 से बढ़कर 25000 हुई वेतन सीमा

    यूपी में मानी गई पंचायत सहायकों की बात, मिलेंगे 9000 रुपए महीना, वापस होंगे मुकदमे 

    यूपी में मानी गई पंचायत सहायकों की बात, मिलेंगे 9000 रुपए महीना, वापस होंगे मुकदमे 

    200 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी ‘हनुमान अंश’ को कभी OTT से मिला था रिजेक्शन, अब कतार में लगे 3 प्लेटफॉर्म

    200 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी ‘हनुमान अंश’ को कभी OTT से मिला था रिजेक्शन, अब कतार में लगे 3 प्लेटफॉर्म