हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की सियासत इन दिनों विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर पूरी तरह से गरमाई हुई है। विपक्ष (BJP) के लगातार हमलों के बाद अब सूबे के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) ने भी ‘फ्रंट फुट’ पर आकर आक्रामक रुख अपना लिया है। सीएम सुक्खू ने बीजेपी पर तीखा पलटवार करते हुए ऐलान किया है कि पिछली बीजेपी सरकार के कथित भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए उनकी सरकार ने ‘व्हाइट पेपर कमेटी’ (White Paper Committee) का गठन कर दिया है। यह कमेटी पूरी गहन जांच के बाद सारे तथ्यों और सबूतों को सीधे जनता के सामने रखेगी।
‘बिना किसी मुद्दे की राजनीति कर रही है BJP’
विधानसभा के भीतर रोजगार (Employment Issue) पर हुए भारी हंगामे और बीजेपी के वॉकआउट (BJP Walkout) पर भी सीएम सुक्खू जमकर बरसे। उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बीजेपी के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे ‘बिना मुद्दे की राजनीति’ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “प्रश्नकाल के दौरान रोजगार जैसे अहम विषय पर करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई. विधानसभा अध्यक्ष ने भी विपक्ष को सवाल पूछने का पूरा मौका दिया. लेकिन इसके बावजूद बिना वजह अतिरिक्त सवाल पूछने की जिद करना और फिर जवाब सुने बिना सदन से वॉकआउट कर जाना कतई उचित नहीं है।
‘हम भागने वाले नहीं, हर सवाल का देंगे जवाब’
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार विपक्ष के सवालों या जनहित के मुद्दों से भाग नहीं रही है. उन्होंने विपक्ष को सीधा संदेश देते हुए कहा कि अभी सदन में स्वास्थ्य (Health) और रोजगार जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होनी बाकी है। सत्ता पक्ष विपक्ष के हर एक तीखे सवाल का पूरी जिम्मेदारी और तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्ष सदन के भीतर बैठकर चर्चा करने की हिम्मत दिखाए. सीएम के इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में हिमाचल विधानसभा (Himachal Assembly) के भीतर यह राजनीतिक संग्राम और भी ज्यादा उग्र होने वाला है।







