अयोध्या स्थित विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। SIT को आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है। आरोपियों ने इस फर्जी चंदे की रसीद बुक के जरिए वसूली की बात भी कबूल कर ली है। दरअसल, सूत्रों की मानें तो पुलिस जांच में आरोपियों ने इस बात को कबूला है कि वो न केवल चंदा चोरी करते थे बल्कि फर्जी रसीद काट कर चंदा देने वालों से पैसे भी ऐंठ लेते थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों के पास से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पुरानी फर्जी रसीद बुक भी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्रा और तमाम गिरफ्तार आरोपी से जब कोई मंदिर में दान देने की इच्छा जताता तो ये लोग रिसीविंग के तौर पर ये फर्जी रसीद दे देते थे ताकि किसी को शक ना हो।
ऑनलाइन सिस्टम के बाद फर्जी रसीद देना बंद किया था
रसीद पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो बनवाया गया था। ये रसीद हूबहू बिल्कुल असली रसीद की तरह ही दिखती थी। अब नई व्यवस्था के तहत रसीद ऑनलाइन मिलती है. इसलिए इन लोगों ने इन रसीदों का प्रयोग करना बंद कर दिया था। राम मंदिर में कागजी रसीद व्यवस्था खत्म होने के बाद दान देने वाले सीधा राम मंदिर के बैंक खाते में पैसा भेजते थे या फिर मंदिर में आकर दान काउंटर से स्लिप लेते थे.
‘बेवकूफ बना रही SIT’- अरविंद केजरीवाल
इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में असली चोर कोई और हैं .एसआईटी केवल लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए बनाई गई है। अरविंद केजरीवाल का कहना है कि सारे देश में किसी से पूछ लो, सबको दिख रहा है कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
‘कोई चंदा चोर नहीं बचेगा’- मंत्री गुलाब देवी
उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में ऐसी जांच समिति गठित की है कि कोई भी ‘चंदा चोर’ बच नहीं सकता, चाहे वह कितने ही बड़े पद पर क्यों न बैठा हो।






