पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और विद्रोह का आज यानी 22 जून को 14वां दिन है, जहां एक तरफ रावलाकोट के ईदगाह मैदान पर PoJK के अलग-अलग शहरों से आये 70 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी 11 दिनों से बैठे हुए हैं, तो दूसरी तरफ आज PoJK के अलग अलग शहरों में महिलाओं और स्कूली बच्चों ने पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया और आजादी के नारे लगाए।
महिलाओं-बच्चों ने लगाए पाकिस्तान के खिलाफ नारे
सुधनोति जिले के तरार खेल इलाके में 10-12 साल के स्कूली बच्चों ने चौक पर खड़े होकर आजादी के नारे लगाए तो मंढोल में महिलाओं ने आजादी के नारों के साथ पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ विद्रोह किया। इसी कड़ी में रावलाकोट के ईदगाह मैदान पर कई स्कूली बच्चे बैनर लेकर खड़े हुए जिस पर लिखा था – ‘पाकिस्तानी फौज बाहर जाओ’, ‘पाकिस्तानी फौज कश्मीरियों को मार रही है’, ‘कश्मीर पाकिस्तान के हमले का शिकार है’, ‘हमे हक चाहिए’, ‘हमे मुफ्त शिक्षा चाहिए’, ‘इंटरनेट और खाना बंद कर दिया गया है’, ‘संयुक्त राष्ट्र हमे आपका ध्यान चाहिए।
क्या बोले प्रदर्शन के आयोजक?
प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक सरदार अमान खान ने कहा कि ‘PoJK के लोगों के पास कई ऑप्शन हैं, लेकिन पाकिस्तानी हुकूमत के पास ऑप्शन नहीं है। ऐसे में या तो उन्हें हक दें या फिर अगर पाकिस्तानी फौज जुल्म जारी रखेगी तो पूरी की पूरी पाकिस्तानी फौज को PoJK के बाहर खदेड़ा जाएगा.’ इसके अलावा सरदार अमान खान ने चेतावनी दी कि ‘पाकिस्तानी फौज ने झूठ बोल कर बंगालियों का नरसंहार किया था,बलूचों को मारती है, पख्तूनों को मारती है, लेकिन कश्मीरी जवाब देना जानते हैं और अगर कश्मीरी PoJK में जिंदा नहीं रह सकते तो पाकिस्तानी फौज भी PoJK में जिंदा नहीं रहेगी।
पाक हुकूमत को दी चेतावनी
नागरिक संगठन अवामी एक्शन कमेटी, जिसके बैनर तले पूरा प्रदर्शन हो रहा है, उसने 23 जून की डेडलाइन पाकिस्तानी हुकूमत को दी है और तब तक अगर 38 मांगों को नहीं माना जाता तो 1 लाख से ज्यादा प्रदर्शनकारी रावलाकोट से PoJK की राजधानी मुजफ्फराबाद में कूच करेंगे और सरदार अमान खान ने चेतावनी दी कि अगर कूच की नौबत आई तो मुजफ्फराबाद में सरकार भी अवामी एक्शन कमेटी की होगी. यानी जैसा नेपाल और बांग्लादेश में हुआ था, वैसा ही कुछ PoJK में होने के आसार हैं।
5 जून से इंटरनेट बंद
5 जून से PoJK में इंटरनेट बंद है और 14 जून से खाने की सप्लाई वाले ट्रकों को PoJK की सीमा पर रोका गया है. पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना की गोलीबारी में अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है।







