यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में टूट का दावा किया है। इस पर आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजभर किसी चिट्ठी के आधार पर ऐसा कह रहे हैं कि रामगोपाल यादव ने अमित शाह को कोई चिट्ठी दी थी। दरअसल, राजभर ने अपने एक्स पोस्ट में यहां तक लिख दिया कि समाजवादी पार्टी में टूट होकर रहेगी।
संजय सिंह ने कहा, “उस चिट्ठी के बारे में मैंने पता किया. रामगोपाल जी ने अमित शाह को लिखकर दिया कि दो-तिहाई बीजेपी के सांसद टूटकर इधर आ जाएं।
संजय सिंह ने कहा, “उस चिट्ठी के बारे में मैंने पता किया. रामगोपाल जी ने अमित शाह को लिखकर दिया कि दो-तिहाई बीजेपी के सांसद टूटकर इधर आ जाएं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में क्या बोले संजय सिंह
वहीं, राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उन्होंने कहा, “पहली बात तो ये है कि SIT एक झुनझुना है. दूसरी बात, जब पैसे की बरामदगी हो गई, चढ़ावे में सैकड़ों करोड़ की चोरी का साक्ष्य सामने आ गया, उसके बावजूद अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और ट्रस्ट भंग नहीं हो रहा है तो इसको क्या समझेंगे? ये कौन सी कार्रवाई है? चंपत राय का नाम हर भ्रष्टाचार में आ रहा है. उसी व्यक्ति ने सुल्तान अंसारी से दो करोड़ की जमीन 18 करोड़ में खरीदी. उसी व्यक्ति ने तीन करोड़ की जमीन 24 करोड़ में खरीदी और अभी तक वो ट्रस्ट में बना हुआ है. उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस मामले पर उन्होंने आगे कहा, “पहले ये पता चले कि भ्रष्टाचार कितना बड़ा है, क्योंकि ये कई सालों से चल रहा है। इसमें जो लोग शामिल हैं उनको तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए. इसकी समयबद्ध जांच होनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए तब आप कार्रवाई की कोई उम्मीद कर सकते हैं. लेकिन जांच समयबद्ध हो वरना तारीख पर तारीख चलती रहेगी।
इस मामले पर उन्होंने आगे कहा, “पहले ये पता चले कि भ्रष्टाचार कितना बड़ा है, क्योंकि ये कई सालों से चल रहा है। इसमें जो लोग शामिल हैं उनको तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए. इसकी समयबद्ध जांच होनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए तब आप कार्रवाई की कोई उम्मीद कर सकते हैं. लेकिन जांच समयबद्ध हो वरना तारीख पर तारीख चलती रहेगी।
ब्राह्मणों का सबसे ज्यादा अपमान बीजेपी में- संजय सिंह
एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने आरोप लगाया, “ब्राह्मणों का सबसे ज्यादा अपमान बीजेपी में हो रहा है. उसके 365 उदाहरण आपको मिल जाएंगे.”







